कर्मभूमि एक्सप्रेस में भीषण हादसा: ट्रेन से गिरे तीन यात्री, दो की मौत — एक गंभीर घायल
बिहार: इंडियन रेलवे की कर्मभूमि में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। नासिक रोड स्टेशन से कुछ दूरी पर तीन यात्री चलती ट्रेन से गिर गए। इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन में भारी भीड़ थी और जनरल कोच में धक्का-मुक्की के कारण यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया।
पुलिस के अनुसार हादसा Nashik के पास किलोमीटर 190/1 और 190/3 के बीच हुआ। यह पटरी भुसावल जाने वाली लाइन पर स्थित है। मरने वालों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और जांच कार्य शुरू कर दिया।
भीड़ के कारण हादसे की आशंका
पुलिस और रेलवे सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यही सामने आया है कि भीड़भाड़ के कारण यात्री असंतुलित होकर नीचे गिर पड़े। दीपावली से पहले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो गया है और जनरल कोचों में स्थिति बेहद खचाखच बनी हुई है। माना जा रहा है कि सभी यात्री बिहार में अपने घरों की ओर जा रहे थे — कुछ दीपावली मनाने तो कुछ मतदान के लिए। तीनों यात्री जनरल कोच में सफर कर रहे थे। भीड़ इतनी थी कि कई यात्री दरवाजे और गेट पर ही खड़े थे।
पहचान की कोशिश जारी
पुलिस ने बताया कि तीनों यात्रियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। उनके पास मिले बैग और अन्य सामान के आधार पर उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। तीसरे घायल यात्री को जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही ओढ़ा रेलवे स्टेशन के प्रबंधक आकाश ने पुलिस को सूचना दी। वरिष्ठ निरीक्षक जितेंद्र सपकाले, उपनिरीक्षक माली और कांस्टेबल भोले मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
रेलवे ने शुरू की जांच
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा और यात्री प्रबंधन में किसी तरह की चूक हुई है या नहीं, इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ से रेलवे प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में था, लेकिन इसके बावजूद यह बड़ा हादसा हो गया। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और भीड़भाड़ के दौरान दरवाजों पर खड़े होने से बचें।
दीपावली सीजन में यात्रियों की भीड़ बनी चुनौती
त्योहारी सीजन में बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ का आलम हर साल बढ़ता जा रहा है। विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था के बावजूद जनरल डिब्बों में हालात बेकाबू बने रहते हैं। कई बार यात्री ट्रेन की सीढ़ियों और दरवाजों पर भी लटककर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। यही लापरवाही कई बार दर्दनाक हादसों में बदल जाती है। रेलवे प्रशासन के सामने यात्री सुरक्षा इस समय बड़ी चुनौती बन चुकी है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस घटना को लेकर आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। मृतकों के परिजनों की तलाश की जा रही है। रेलवे के अधिकारी और पुलिस टीम लगातार संपर्क में हैं ताकि परिजनों को शीघ्र सूचना दी जा सके। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। घायल यात्री को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
त्योहारी भीड़ के बीच कर्मभूमि एक्सप्रेस में हुआ यह हादसा रेलवे सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यात्रियों की भीड़ और व्यवस्था की कमी के कारण दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी। दीपावली जैसे त्योहारों में यात्रा करने वालों के लिए यह एक दर्दनाक चेतावनी है — सुरक्षा के साथ कोई समझौता न करें।








