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ऑनलाइन दोस्ती के बहाने फ्लैट और ट्रेडिंग में निवेश का झांसा, साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज

Ranchi cyber fraud

रांची: रांची में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें किशोरगंज निवासी एक युवती पूनम कुमारी के साथ ऑनलाइन दोस्त बनकर ठगी की गई। आरोपी ने युवती को फ्लैट खरीदने, रजिस्ट्रेशन और ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर कुल 8.51 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी निश्चल शाह ने खुद को बेंगलुरु की एक एलटी कंपनी में कार्यरत आर्किटेक्ट बताया और दावा किया कि वह नेपाल का निवासी है। शुरू में मीठी बातें और झूठे वादों के जरिए उसने युवती का विश्वास जीता।

फर्जी चेक और झूठे वादों से हासिल की रकम
युवती ने पुलिस को बताया कि निश्चल शाह ने उसे चेक भेजने का झांसा देकर कई बार पैसे मांगे। उसने दावा किया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया है और वह भुगतान नहीं कर सकता। इसके अलावा, उसने झूठा आरोप लगाया कि बैंक मैनेजरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) उससे रिश्वत मांग रहे हैं। आरोपी ने युवती को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी चेक रसीदें और एमटीसीएन नंबर भी भेजे। इसके अलावा, आरोपी ने कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया, जिनमें नेपाल का एक नंबर भी शामिल था, जिसे वह अपने पिता राकेश शाह का बताता था।

धमकियों के जरिए शिकायत रोकने की कोशिश
जब पीड़िता ने ठगी का एहसास किया और शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने धमकी दी। उसने कहा कि यदि दस दिनों के भीतर शिकायत वापस नहीं ली गई, तो वह अपना नंबर बंद कर देगा और युवती उसे कभी नहीं ढूंढ पाएगी। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने केवल उसी को नहीं, बल्कि अपने एक अन्य दोस्त से भी लगभग एक लाख रुपये की ठगी की है।

साइबर क्राइम शाखा में मामला दर्ज, जांच जारी
इस मामले में पीड़िता ने रांची साइबर क्राइम शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी निश्चल शाह की लोकेशन और पहचान की पुष्टि के लिए विभिन्न डिजिटल ट्रैकिंग तकनीकों का उपयोग कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी जैसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करना आवश्यक है, ताकि अन्य लोग इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हों।

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सावधानियों और जागरूकता की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया या ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप्स पर बनने वाली दोस्ती में पैसों का लेन-देन कभी नहीं करना चाहिए। युवाओं और महिलाओं को इस तरह के साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साइबर अपराधियों का modus operandi अक्सर यही होता है कि वे शुरुआत में दोस्ताना और भरोसेमंद दिखते हैं, बाद में पैसे के बहाने अपनी चालाकी से रकम हड़प लेते हैं।

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रांची में यह मामला एक चेतावनी के रूप में सामने आया है कि ऑनलाइन दोस्ती के माध्यम से होने वाली ठगी के मामलों को गंभीरता से लिया जाए। साइबर क्राइम शाखा की तत्परता और डिजिटल साक्ष्यों की जांच से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन लेन-देन और मित्रता में हमेशा सतर्कता बरतनी चाहिए।

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