लालू परिवार की 10 सर्कुलर रोड से विदाई, रातोंरात शिफ्ट हुआ सामान
पटना के ‘पावर सेंटर’ से खत्म हो रहा एक सियासी दौर
Patna : बिहार की राजनीति में पिछले करीब दो दशकों तक सत्ता और विपक्ष की धुरी रहे पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले से अब लालू प्रसाद यादव परिवार की विदाई शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास से रातोंरात सामान शिफ्ट किए जाने की खबर सामने आने के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
जिस 10 सर्कुलर रोड को कभी बिहार की राजनीति का ‘पावर सेंटर’ कहा जाता था, वहां अब सन्नाटा पसरा दिखने लगा है। देर रात बंगले से ट्रकों और गाड़ियों के जरिए घरेलू सामान बाहर ले जाए जाने की तस्वीरें और जानकारी सामने आई हैं।
करीब दो दशक तक सत्ता का प्रतीक रहा 10 सर्कुलर रोड
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि लालू-राबड़ी शासन की राजनीतिक पहचान रहा है। लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान और उसके बाद राबड़ी देवी के शासनकाल में यह बंगला सत्ता के केंद्र के रूप में उभरा।
सरकार बदली, सत्ता गई, लेकिन यह बंगला लगातार राजद परिवार के प्रभाव और उपस्थिति का प्रतीक बना रहा।
रातोंरात शिफ्टिंग ने बढ़ाई राजनीतिक अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी के आवास से फर्नीचर, निजी सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं तेजी से दूसरी जगह शिफ्ट की गई हैं। यह शिफ्टिंग सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से अलग और अचानक हुई, जिससे राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि राजद के राजनीतिक युग के एक अध्याय के समापन का संकेत भी हो सकता है।
सरकारी नियमों के दायरे में आवास खाली करने की प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि राबड़ी देवी अब पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में सरकारी आवास में रहने की पात्रता को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत बंगला खाली कर रही हैं। लंबे समय से इस मुद्दे पर सवाल उठते रहे हैं और अब अचानक शिफ्टिंग ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर राबड़ी देवी या राजद की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बिहार की सियासत में बदलते संकेत
10 सर्कुलर रोड से लालू परिवार की विदाई को बिहार की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और सत्ता संतुलन के नए संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक समय था जब इसी बंगले से सरकारें बनती-बिगड़ती थीं, फैसले होते थे और विपक्ष की रणनीतियां तय होती थीं। अब जब यह बंगला खाली हो रहा है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक औपचारिकता है या फिर राजद के राजनीतिक प्रभाव में आ रहे बदलाव का प्रतीक।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
पटना के राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा है कि आने वाले समय में
- लालू परिवार की राजनीतिक रणनीति क्या होगी?
- क्या यह बदलाव नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की ओर इशारा करता है?
- या फिर यह केवल सरकारी नियमों का पालन भर है?
एक युग का प्रतीक बंगला अब इतिहास बनने की ओर
जो भी हो, इतना तय है कि 10 सर्कुलर रोड अब सिर्फ एक पता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के एक पूरे युग की याद बनता जा रहा है। सत्ता, संघर्ष, विवाद और प्रभाव—सब कुछ इस पते से जुड़ा रहा है।








