केरेडारी में एनटीपीसी–रैयत विवाद ने फिर पकड़ा जोर, सड़क पर बनी बाउंड्री वॉल से तनाव
Hazaribagh/Keredari: बड़कागांव और केरेडारी अंचल में रैयतों और एनटीपीसी के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। ताजा मामला केरेडारी प्रखंड के जोरदाग गांव का है, जहां बीती रात पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू के आवास के सामने सड़क पर अचानक बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया गया।
वैकल्पिक सड़क नहीं, ग्रामीण सड़क से चल रही भारी गाड़ियां
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी द्वारा कोयला ट्रांसपोर्टिंग के लिए अब तक वैकल्पिक सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। मजबूरी में भारी वाहन लगातार आम ग्रामीण सड़क से गुजर रहे हैं, जिससे सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, कंपन और शोर के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बाउंड्री वॉल किसके आदेश से बनी?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बनाई गई बाउंड्री वॉल किसके आदेश पर और किसने बनवाई, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। न तो जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान दिया गया है और न ही एनटीपीसी ने इस निर्माण को लेकर स्थिति साफ की है।
कोयला ट्रांसपोर्टिंग ठप, सड़क पर खड़ी गाड़ियां
बाउंड्री वॉल के निर्माण के बाद एनटीपीसी की कोयला ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह बाधित हो गई है। भारी-भरकम ट्रक सड़क पर लंबी कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। इससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वैध या अवैध? प्रशासन की भूमिका पर सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह बाउंड्री वॉल वैध है या अवैध? क्या यह रैयतों के बढ़ते आक्रोश का नतीजा है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नजरें अब जिला प्रशासन और एनटीपीसी के अगले कदम पर टिकी हैं।
यदि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह विवाद आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है।







