हजारीबाग के हाई सिक्योरिटी जेपी कारा से फिल्मी अंदाज में फरार हुए 3 उम्रकैदी, 28 जैप जवान कार्रवाई के घेरे में

JP Kara

Hazaribagh: झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) की सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब 30–31 दिसंबर 2025 की रात तीन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी फिल्मी अंदाज में फरार हो गए। इस सनसनीखेज जेल ब्रेक से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।

फरार तीनों कैदी धनबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैदियों ने चादर से रस्सी बनाई, बाथरूम की लोहे की रॉड काटी और दीवार के साथ-साथ बिजली फेंसिंग को पार कर फरार हो गए।

28 JAP जवानों पर गाज गिरने की तैयारी
जेल सूत्रों के अनुसार, घटना की रात जेल की 13 गुमटियों पर केवल 28 झारखंड आर्म्ड पुलिस (JAP) जवानों की तैनाती थी, जबकि सामान्य दिनों में तीन शिफ्ट मिलाकर करीब 65 जवानों की ड्यूटी रहती है।

सुरक्षा में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद इन सभी 28 जवानों को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। सभी के निलंबन की संभावना जताई जा रही है। जेल आईजी खुद पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सुरक्षा चूक के मामले में 12 जवानों को निलंबित किया जा चुका है।

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कैसे हुई जेल से फरारी?
घटना देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की बताई जा रही है।
कैदियों ने शौचालय जाने का बहाना बनाया और पहले से तैयार योजना के तहत:

  • बाथरूम की खिड़की की लोहे की रॉड काटी
  • गुमटी नंबर 4 और 5 के बीच दीवार फांदी
  • बिजली फेंसिंग पार कर जेल परिसर से बाहर निकल गए
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पांच स्तरीय सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे और सशस्त्र गार्ड के बावजूद इस तरह की फरारी ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

SIT बिहार-झारखंड में कर रही छापेमारी
फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गई है, जो झारखंड के साथ-साथ बिहार में भी ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। एक फरार आरोपी देवा भुईंया के धनबाद स्थित ठिकाने पर भी दबिश दी गई है।

हजारीबाग समेत आसपास के जिलों में बैरिकेडिंग कर चौक-चौराहों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

जेल अधीक्षक की प्रतिक्रिया
जेल अधीक्षक चंद्रशेखर सुमन ने फरारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि कैदियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच भी जारी है।

प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
खूंखार अपराधियों और नक्सलियों को रखने वाली इस हाई सिक्योरिटी जेल से कैदियों की फरारी ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि आम लोगों में भी दहशत पैदा कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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