पुलिस केंद्र पाकुड़ में भव्य रूप से मनाया गया सोहराय महापर्व मिलन समारोह

Sohrai Mahaparv

आदिवासी संस्कृति और परंपरा का उल्लासपूर्ण संगम

Pakur : पाकुड़ बुधवार को पुलिस केंद्र, पाकुड़ स्थित शहीद अमरजीत बलिहार स्टेडियम में सोहराय महापर्व मिलन समारोह का भव्य एवं उल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल आदिवासी संस्कृति और परंपरा का उत्सव बना, बल्कि पुलिस परिवार और समाज के बीच आपसी भाईचारे एवं सामाजिक समरसता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता नजर आया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निधि द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक, पाकुड़ रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया और उपस्थित सभी पदाधिकारियों, जवानों एवं अतिथियों को सोहराय महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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प्रकृति और मानव के संतुलन का पर्व है सोहराय
अपने संबोधन में एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि सोहराय महापर्व आदिवासी समाज की गहरी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा पर्व है, जो प्रकृति, पशुधन और मानव जीवन के बीच संतुलन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने की प्रेरणा देते हैं।

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उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को आत्मसात करें और आने वाली पीढ़ियों तक इन्हें संरक्षित रखें। साथ ही उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सोहराय पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।

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पारंपरिक गीत-नृत्य ने मोहा मन
मिलन समारोह के दौरान प्रस्तुत पारंपरिक सोहराय गीतों और नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था, जिससे आदिवासी संस्कृति की झलक हर ओर दिखाई दे रही थी।

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पुलिस परिवार में सांस्कृतिक एकता का संदेश
इस अवसर पर वरीय पुलिस पदाधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिसकर्मी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस परिवार के भीतर आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक जुड़ाव को और मजबूत करना रहा।

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सोहराय महापर्व मिलन समारोह ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का सम्मान और संरक्षण भी समाज की मजबूती का आधार है।

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