जेपी कारा से फरार तीन कैदी महाराष्ट्र से गिरफ्तार, हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता

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मुनादी Live डेस्क : हजारीबाग के जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीन कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट्र में दबोच लिया है। पुलिस ने तीनों को सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से जेल सुरक्षा और पुलिस की तत्परता—दोनों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

एक ही बैरक, एक ही प्लान—तीनों थे POCSO आरोपी
फरार कैदियों की पहचान देवा भुईंया, जितेंद्र रवानी और राहुल पंजवार के रूप में हुई है। देवा भुईंया पिछले नौ माह से, जबकि जितेंद्र रवानी और राहुल पंजवार तीन माह से जेपी कारा में बंद थे। तीनों बैरक नंबर-6 में साथ रखे गए थे और POCSO के आरोपी हैं। एक ही जिले के होने के कारण आपसी दोस्ती हुई और उसी ने फरारी की साजिश को अंजाम तक पहुंचाया।

चादरों से बनाई रस्सी, दीवार फांदकर हुए फरार
जेल से भागने के लिए तीनों ने बेहद चालाक तरीका अपनाया। सोने में इस्तेमाल होने वाली तीन चादरों को आपस में जोड़कर रस्सी बनाई और उसी के सहारे जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था।

तकनीकी और मैदानी इनपुट से महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस
हजारीबाग पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मैदानी सूचनाओं के आधार पर फरार कैदियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से करमाला थाना क्षेत्र में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—एक ही बैरक में बंद कैदियों द्वारा चादरों से रस्सी बनाकर दीवार फांदना लापरवाही की ओर इशारा करता है। मामले में जेल प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।

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गिरफ्तार कैदियों को ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फरारी में किसी बाहरी मदद की भूमिका रही या नहीं—इस बिंदु पर भी जांच तेज कर दी गई है।

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