मणिपुर फिर सुलगा: चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन, पूर्ण बंद का ऐलान
मुनादी लाइव डेस्क: मणिपुर में नई सरकार के गठन के कुछ ही घंटों बाद चुराचांदपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा। डिप्टी सीएम के शपथ ग्रहण के विरोध में गुरुवार को शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। हालात को काबू में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।
तुइबोंग मेन मार्केट में भड़की हिंसा
हिंसा की शुरुआत गुरुवार शाम करीब 6 बजे तुइबोंग मेन मार्केट इलाके से हुई, जहां सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को उनके बैरक में वापस भेजने की कोशिश की। जब सुरक्षा बल पीछे नहीं हटे, तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर विरोध जताया। स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
डिप्टी सीएम के शपथ ग्रहण से भड़का गुस्सा
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया, जब यह खबर फैली कि कुकी-जोमी समुदाय से जुड़े तीन विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हो रहे हैं। इनमें नेमचा किपगेन ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले ली है, जबकि एल एम खाउते और नगुरसंगलुर के भी शपथ लेने की चर्चा है।
कुकी संगठनों की चेतावनी और बंद
सूत्रों के अनुसार, कुकी समुदाय के संगठनों ने पहले ही अपने विधायकों को सरकार में शामिल न होने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद शपथ ग्रहण की खबर सामने आने के बाद चुराचांदपुर में बंद बुलाया गया। आदिवासी संगठन ज्वाइंट फोरम ऑफ सेवन ने सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण बंद का आह्वान किया है और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
संगठन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समुदाय का कोई विधायक बंद में शामिल नहीं हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
मणिपुर में नई सरकार का गठन
गौरतलब है कि एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के करीब एक साल बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। उनके साथ दो डिप्टी सीएम ने भी पदभार संभाला, जिसके बाद राज्य के पहाड़ी इलाकों में असंतोष तेज हो गया।
असम राइफल्स की तैनाती
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया। हालांकि शुरुआती प्रयासों में भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ। कुछ समय के लिए सुरक्षा बल पीछे हटे, लेकिन इलाके में डटे रहे। बाद में आंसू गैस के जरिए भीड़ को तितर-बितर किया गया।
अब भी तनाव बरकरार
फिलहाल चुराचांदपुर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।








