निकाय चुनाव से पहले मंईयां सम्मान राशि पर सियासत, भाजपा ने उठाए सवाल
रांची: झारखंड के 48 शहरी निकायों में 23 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव से ठीक एक दिन पहले मंईयां सम्मान योजना की 19वीं किस्त लाभुकों के खातों में भेजे जाने को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसे आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
“मतदाताओं को लुभाने के लिए भेजी गई राशि”
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मतदान से ठीक पहले लाभुकों के खाते में राशि भेजना मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि सत्ताधारी दल चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चक्रधरपुर में भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने सुरक्षा को लेकर उनसे संपर्क किया था और भय के कारण घर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने पश्चिम सिंहभूम एसपी से बात कर उम्मीदवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही पलामू में भी सांसद बीडी राम, विधायक आलोक चौरसिया और अन्य नेताओं ने डीसी व एसपी को आवेदन देकर निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने की मांग की है।
सरकार पर विकास और कानून व्यवस्था को लेकर हमला
आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर पिछले छह वर्षों में विकास कार्यों की अनदेखी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काम के आधार पर वोट मिलने की उम्मीद नहीं होने के कारण सत्ताधारी दल मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
48 शहरी निकायों में कल मतदान
गौरतलब है कि राज्य के 48 शहरी निकायों में मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पदों के लिए सोमवार 23 फरवरी को मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले योजना की किस्त जारी होने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा ने दावा किया है कि जनता विकास के मुद्दों पर मतदान करेगी और सभी निकायों में पार्टी की जीत तय है। वहीं इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार या निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।





