ईरान-अमेरिका तनाव का असर: देश में महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर, कमर्शियल 115 और घरेलू 60 रुपये बढ़े

Lpg Price

मुनादी लाइव: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। देश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है। नई दरों के अनुसार घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा हो गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो बड़ी मात्रा में ऊर्जा आयात करते हैं, जिनमें भारत भी शामिल है।

पाकिस्तान में पेट्रोल 321 रुपये लीटर
युद्ध जैसे हालात का असर पड़ोसी देशों पर भी दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। वहां पेट्रोल के दाम बढ़कर लगभग 321 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि एक ही दिन में लगभग 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है। इससे दक्षिण एशिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

वैश्विक बाजारों पर भी असर
ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है। अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है और सूचकांक लगभग 47,000 अंक के आसपास पहुंच गया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और बेरोजगारी दर से जुड़े आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

resizone elanza

पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाने की अपील
इस बीच सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगी हैं। इन खबरों को लेकर भारतीय तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।

तेल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें। कंपनियों का कहना है कि देशभर में ईंधन आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।

रसोई गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने भी हालात को देखते हुए तेल और गैस कंपनियों को रसोई गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन शक्तियों का उपयोग कर आपूर्ति को बनाए रखने की तैयारी की जा रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मध्य पूर्व में स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है तो आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योग जगत तक पर पड़ने की संभावना है।

फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *