कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले: चीन से आने वाले FDI नियमों में ढील, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी समेत कई प्रस्ताव मंजूर
नई दिल्ली: नई दिल्ली में हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े आर्थिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने विदेशी निवेश, कॉर्पोरेट कानून, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था, निवेश माहौल और विकास परियोजनाओं पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
चीन से आने वाले FDI नियमों में ढील
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने चीन से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI के नियमों में सीमित ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब एक निश्चित सीमा तक आने वाले निवेश के लिए पहले जैसी जटिल मंजूरी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार का मानना है कि इससे छोटे और मध्यम स्तर के निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी का प्रवाह आसान होगा। निवेश प्रक्रिया सरल होने से उद्योग और कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
Press Note 3 में बदलाव
कैबिनेट ने Press Note 3 में बदलाव को भी मंजूरी दी है। Press Note 3 वह नीति है जिसके तहत भारत की सीमा से लगे देशों से आने वाले निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य होती है।
यह नियम वर्ष 2020 में लागू किया गया था ताकि भारतीय कंपनियों में अवसरवादी अधिग्रहण को रोका जा सके। अब इसमें संशोधन कर निवेश प्रक्रिया को संतुलित और अधिक व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
IBC में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने Insolvency and Bankruptcy Code में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह कानून कंपनियों के दिवालिया होने की स्थिति में समाधान प्रक्रिया तय करता है। सरकार समय-समय पर इसमें बदलाव करती रही है ताकि दिवालियापन समाधान प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सके। नए संशोधनों का उद्देश्य भी कॉर्पोरेट समाधान प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है।
कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल को मंजूरी
कैबिनेट ने कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी दे दी है। इस बिल के जरिए कंपनियों से जुड़े कई कानूनी प्रावधानों में बदलाव किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए नियमों को अधिक स्पष्ट और कारोबार के अनुकूल बनाना है, जिससे उद्योगों को संचालन में आसानी हो सके।
जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। Noida International Airport को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3630 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी।
धोलेरा में बनेगा नया एयरपोर्ट
कैबिनेट ने गुजरात के Dholera में नया एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। धोलेरा को देश के बड़े औद्योगिक और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां एयरपोर्ट बनने से उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निवेश गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने का निर्णय
कैबिनेट ने Jal Jeevan Mission को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।
सरकार इस योजना के तहत और अधिक गांवों तथा घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
कई क्षेत्रों पर पड़ेगा प्रभाव
कैबिनेट के इन फैसलों से विदेशी निवेश, कॉर्पोरेट क्षेत्र, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और ग्रामीण कल्याण जैसे कई क्षेत्रों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश नियमों में ढील और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने से आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है और भारत की विकास यात्रा को मजबूती मिलेगी।








