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हजारीबाग में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का घर ध्वस्त, NTPC ने की कार्रवाई

House Demolished

हजारीबाग: झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर को ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई एनटीपीसी की ओर से की गई है। बताया जा रहा है कि यह घर चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना क्षेत्र के सामने जोरदाग झुमरी टांड़ में स्थित था और जिस जमीन पर यह मकान बना था, वह खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में आती है।

जानकारी के मुताबिक एनटीपीसी ने परियोजना क्षेत्र में अतिक्रमण और अधिग्रहित जमीन को खाली कराने की प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की। घर को तोड़े जाने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह मकान राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से जुड़ा बताया जा रहा है।

परियोजना क्षेत्र में हुई कार्रवाई
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर यह घर बना था, वह एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना से संबंधित अधिग्रहित भूमि के दायरे में आता है। परियोजना के तहत पहले से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अब कंपनी अपने कब्जे वाली भूमि को खाली कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि अभी तक इस मामले में योगेंद्र साव या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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इलाके में बढ़ी हलचल
पूर्व मंत्री से जुड़े मकान पर बुलडोजर चलने के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग इसे परियोजना के तहत नियमित कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक रूप से भी देख रहे हैं।

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फिलहाल प्रशासन और एनटीपीसी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली भूमि और निर्माणों को हटाने की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है।

भूमि अधिग्रहण पर पहले भी रहा है विवाद
चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और विस्थापन को लेकर पहले भी कई बार विवाद और विरोध की स्थिति बन चुकी है। स्थानीय ग्रामीण, रैयत और प्रभावित परिवार समय-समय पर मुआवजा, पुनर्वास और परियोजना के प्रभाव को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

ऐसे में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से जुड़े घर पर हुई यह कार्रवाई एक बार फिर इस पूरे इलाके को चर्चा के केंद्र में ले आई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया पर नजर
अब इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। क्योंकि योगेंद्र साव झारखंड की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं, इसलिए इस कार्रवाई को लेकर आने वाले दिनों में बयानबाजी तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल इतना साफ है कि एनटीपीसी ने परियोजना क्षेत्र में आने वाले निर्माण पर कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर को ध्वस्त कर दिया है, और यह मामला अब हजारीबाग से लेकर राज्य की राजनीति तक चर्चा का विषय बन गया है।

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