रिम्स का बड़ा फैसला: अब किसी भी स्कूल के गरीब छात्र कर सकेंगे NEET की फ्री तैयारी

NEET Preparation

पहले केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित थी योजना, अब पूरे झारखंड के जरूरतमंद छात्रों के लिए खुला रास्ता

रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) ने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। एमबीबीएस टॉपर्स द्वारा संचालित NEET तैयारी योजना के नियमों में संशोधन करते हुए अब इसे और अधिक व्यापक बना दिया गया है।

पहले जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इस योजना का लाभ केवल झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ही मिल सकता था। लेकिन अब रिम्स प्रबंधन ने इस दायरे को बढ़ाते हुए नया दिशा-निर्देश जारी किया है। संशोधित नियमों के अनुसार, अब झारखंड के किसी भी स्कूल—चाहे वह सरकारी हो या निजी—में पढ़ने वाले योग्य और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इस फैसले को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे उन छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद महंगी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने में सक्षम नहीं होते। अब ऐसे छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी के लिए एक बेहतर और सुलभ मंच मिलेगा।

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रिम्स की यह पहल न केवल शिक्षा के अवसरों को समान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने का भी एक सशक्त उदाहरण है। इस योजना के तहत एमबीबीएस के मेधावी छात्र खुद गरीब छात्रों को पढ़ाकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेंगे।

happy Teacher Day
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से झारखंड में मेडिकल शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और ग्रामीण व पिछड़े इलाकों से भी अधिक संख्या में छात्र डॉक्टर बनने का सपना साकार कर सकेंगे।

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सीनियर रेजिडेंट नियुक्ति सूची भी जारी
इसी के साथ रिम्स प्रबंधन ने सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर पदों के लिए आयोजित साक्षात्कार के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी है। जारी सूची के अनुसार एनाटॉमी विभाग में डॉ. प्रेरणा दास का चयन किया गया है। कार्डियोथोरेसिक विभाग में डॉ. चंदन कुमार और डॉ. अमित निशांत को सीनियर रेजिडेंट पद पर नियुक्त किया गया है। सभी अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित श्रेणी में किया गया है। रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इन योग्य डॉक्टरों की नियुक्ति से संबंधित विभागों में शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार आएगा। इससे मरीजों को बेहतर इलाज और छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।

क्या है इस फैसले का असर?
इस संशोधन के बाद:

  • अधिक संख्या में गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों को मौका मिलेगा
  • NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी सुलभ होगी
  • शिक्षा में असमानता कम होगी
  • झारखंड से मेडिकल क्षेत्र में नए प्रतिभाशाली डॉक्टर सामने आएंगे

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