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लालपुर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कॉलेज छात्रों को कफ सिरप बेचने वाला गिरफ्तार

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रांची: राजधानी रांची में युवाओं को निशाना बनाकर नशे का कारोबार चलाने वाले नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लालपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कॉलेज छात्रों को प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली दवाएं बेच रहा था। इस कार्रवाई ने शहर में फैलते नशे के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गुप्त सूचना बनी कार्रवाई की आधारशिला
मामला 9 अप्रैल 2026 का है, जब रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लालपुर के रेडियम रोड स्थित कुमार मार्केट गली में रहने वाला अनिल रजक (लगभग 42 वर्ष) कॉलेज छात्रों को नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी के घर पर दबिश दी और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली।

छापेमारी में हुआ बड़ा खुलासा
तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद हुई, जो इस बात का संकेत है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था। बरामद सामग्री में 19 बोतल ONREX कफ सिरप (जिसमें 18 पूरी तरह भरी और एक आंशिक रूप से खाली), Nitrosum-10 की 75 टैबलेट, एक रेडमी 10C स्मार्टफोन, एक पीला झोला और एक चांदी का सिक्का शामिल है। कफ सिरप का दुरुपयोग युवाओं के बीच नशे के रूप में तेजी से बढ़ रहा है, और यह मामला उसी प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है।

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पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कॉलेज के छात्रों को नशीली दवाएं बेचता था। यह स्वीकारोक्ति इस बात को और मजबूत करती है कि आरोपी सीधे तौर पर युवाओं को टारगेट कर रहा था, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

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NDPS एक्ट और ड्रग्स कानून के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में लालपुर थाना कांड संख्या 64/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ NDPS Act की धारा 21(b)/22(b) और Drugs and Cosmetic Act की धारा 27(b)(ii) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान है।

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क्या बड़ा नेटवर्क भी जुड़ा है?
हालांकि पुलिस के अनुसार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन इतनी मात्रा में नशीली दवाओं की बरामदगी इस ओर संकेत करती है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी दवाएं कहां से लाता था, किन-किन छात्रों को सप्लाई की जाती थी, क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

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युवाओं को निशाना बना रहा नशा माफिया
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्कर अब सीधे कॉलेज और युवाओं को टारगेट कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कफ सिरप और प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का दुरुपयोग एक “साइलेंट ड्रग क्राइसिस” बनता जा रहा है, जो धीरे-धीरे समाज को प्रभावित कर रहा है। ऐसे मामलों में अक्सर शुरुआत “मस्ती” के नाम पर होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह लत में बदल जाती है।

पुलिस की सख्ती और जागरूकता की जरूरत
रांची पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। समाज, परिवार और शिक्षण संस्थानों को भी इस दिशा में जागरूकता बढ़ानी होगी।

विशेषज्ञों की राय
मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • युवाओं में तनाव और दबाव के कारण नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है
  • आसान उपलब्धता इस समस्या को और गंभीर बना रही है
  • समय रहते हस्तक्षेप जरूरी है

लालपुर में हुई यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी भर नहीं, बल्कि एक बड़े खतरे की ओर संकेत है। यह घटना बताती है कि नशे का नेटवर्क अब शहरी युवाओं तक गहराई से पहुंच चुका है। ऐसे में जरूरत है सख्त कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जागरूकता और सामूहिक प्रयास की, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस खतरे से बचाया जा सके।

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