LPG बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी! फेक मैसेज से खाली हो सकता है आपका बैंक खाता
रांची समेत कई इलाकों में फर्जी गैस बुकिंग लिंक भेजकर लोगों को बनाया जा रहा शिकार
रांची : रांची समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपना लिया है। रसोई गैस की किल्लत और लोगों की परेशानी का फायदा उठाते हुए अब अपराधी LPG बुकिंग के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कई लोगों के मोबाइल पर गैस बुकिंग से जुड़े लिंक, ऑफर और इमरजेंसी मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन मैसेज में दावा किया जाता है कि तुरंत बुकिंग करें, भारी छूट पाएं या गैस खत्म होने वाली है। लेकिन जैसे ही यूजर इन लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल हैक हो सकता है या बैंक डिटेल्स चोरी हो सकती हैं।
कैसे काम कर रहा है यह साइबर फ्रॉड?
साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए डर और लालच दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे ऐसे मैसेज भेजते हैं जिनमें “तुरंत बुकिंग करें”, “सीमित स्टॉक”, “भारी छूट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है। इन मैसेज के साथ फेक लिंक, APK फाइल या QR कोड भेजे जाते हैं। जैसे ही यूजर इन पर क्लिक करता है, उसका फोन एक्सेस किया जा सकता है या बैंकिंग जानकारी चुरा ली जाती है। कई मामलों में यूजर्स के खाते से सीधे पैसे भी गायब हो सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण लोग पहले से ही चिंतित हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को जल्दी फैसला लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ज्यादातर फ्रॉड “पैनिक क्रिएट” करके किए जाते हैं, जिससे यूजर बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देता है।
क्या कहता है साइबर क्राइम विभाग?
Indian Cyber Crime Coordination Centre ने इस तरह के फर्जी मैसेज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को चेतावनी दी गई है कि LPG बुकिंग के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। एडवाइजरी के मुताबिक साइबर अपराधी SMS, WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को टारगेट कर रहे हैं और फर्जी वेबसाइट व ऐप के माध्यम से ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
कैसे बचें इस ठगी से?
इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी बेहद जरूरी हैं। हमेशा LPG बुकिंग केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए ही करें। किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या QR कोड को स्कैन करने से बचें। अगर कोई मैसेज आपको डराने या जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करता है, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें।
इसके अलावा, अपने बैंकिंग डिटेल्स या OTP किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें।








