“रांची फ्लायओवर विवाद पर आदिवासी समाज का समर्थन — आयोग ने मांगी रिपोर्ट”
बोकारो; झारखंड में आदिवासियों के धर्म, आस्था और पहचान पर चोट और अब मामला पहुंचा है राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक!
रांची के सिरम टोली धर्मस्थल को लेकर उठे विवाद में अब आदिवासी समाज की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा खुद मैदान में उतर चुकी हैं।
आशा लकड़ा ने बोकारो में पत्रकारों से बात करते हुए साफ-साफ कहा कि आदिवासी समाज का आक्रोश बिल्कुल जायज़ है… यह सिर्फ धर्मस्थल नहीं, हमारी पहचान और हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। फ्लायओवर रैंप जिस तरीके से उतारा गया है, वह गलत है। आयोग ने इस पर रिपोर्ट तलब की है और कार्रवाई ज़रूर होगी।”
उन्होंने ये भी कहा कि जब हम भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हो की बात करते हैं, तो ये सिर्फ इतिहास नहीं, आज की चेतावनी है कि अगर हम आज भी चुप रहे तो अपनी संस्कृति और धर्म को खो देंगे!”
फ्लायओवर की आड़ में आदिवासी धर्मस्थल को ढंकने या मिटाने की कोशिश को आशा लकड़ा ने सीधा हमला बताया और चेतावनी दी कि धर्म अखाड़ा को बचाना अब सिर्फ ज़रूरत नहीं, जिम्मेदारी बन चुकी है।
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