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ED का बड़ा एक्शन: रांची, बोकारो और बंगाल में फॉरेस्ट लैंड घोटाले पर छापेमारी, बिल्डर विवेक नरसरिया के ठिकानों पर जांच तेज

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रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई बोकारो में फॉरेस्ट लैंड की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े कथित घोटाले को लेकर की जा रही है। सूत्रों के अनुसार ईडी को इस मामले में भूमि दलालों, बिल्डरों और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत की गंभीर जानकारी मिली है।

रांची के श्रीराम गार्डन अपार्टमेंट में तड़के से छापेमारी

ईडी की टीम गुरुवार सुबह करीब 6 बजे रांची के कांके रोड स्थित श्रीराम गार्डन अपार्टमेंट पहुंची और एक फ्लैट में तलाशी अभियान शुरू किया। यह फ्लैट बिल्डर विवेक नरसरिया से जुड़ा बताया जा रहा है, जिनका नाम इससे पहले भी भू-माफिया नेटवर्क से जोड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार यहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

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बोकारो और पश्चिम बंगाल में भी एक साथ कार्रवाई

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रांची के अलावा ईडी की अन्य टीमें बोकारो और पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ है, जिसमें वन भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये की अवैध खरीद-बिक्री की गई है।

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क्या है फॉरेस्ट लैंड घोटाला?

जानकारी के अनुसार, बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सरकारी वन भूमि को निजी जमीन बताकर रजिस्ट्री कराई गई और वहां निर्माण कार्य भी किया गया। इस पूरे नेटवर्क में प्रभावशाली बिल्डरों, राजस्व अधिकारियों और भू-माफियाओं की संलिप्तता की आशंका है।

ईडी की नजर अब किस पर?

सूत्र बताते हैं कि इस घोटाले में ईडी की नजर कुछ और प्रभावशाली बिल्डर्स, सरकारी अफसरों और बिचौलियों पर भी है, जिनके खिलाफ आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारियां संभव हैं। फिलहाल रांची, बोकारो और कोलकाता में तलाशी अभियान जारी है।

झारखंड में ईडी की यह ताजा कार्रवाई साफ संकेत देती है कि राज्य में जमीन घोटालों पर केंद्र की जांच एजेंसियां अब बेहद गंभीर हो चुकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में किस स्तर के लोगों की संलिप्तता उजागर होती है और क्या कोई बड़ा राजनीतिक नाम भी इस लपेटे में आता है।

रिपोर्ट : अमित , Munadi Live

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