RIMS में मीडिया एंट्री पर फिर बैन, बिना अनुमति नहीं होगी रिपोर्टिंग
फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी रोक, मरीजों की निजता और सुरक्षा का हवाला
रांची: राजधानी स्थित Rajendra Institute of Medical Sciences (RIMS) प्रशासन ने अस्पताल परिसर में मीडिया गतिविधियों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। नए आदेश के तहत अब किसी भी मीडिया प्रतिनिधि को पूर्व अनुमति के बिना रिम्स परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही अस्पताल के भीतर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिम्स प्रशासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक अथवा अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक से पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।
बिना अनुमति रिपोर्टिंग पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार अब रिम्स परिसर में किसी भी प्रकार की रिपोर्टिंग, वीडियो शूटिंग या फोटो कवरेज बिना पूर्व अनुमति के नहीं की जा सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर समान रूप से लागू होगा। अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
मरीजों की निजता का दिया गया तर्क
रिम्स प्रशासन का कहना है कि यह फैसला अस्पताल में भर्ती मरीजों की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार कई बार बिना अनुमति की जाने वाली कवरेज से मरीजों की निजता प्रभावित होती है। इसके अलावा अस्पताल की सामान्य कार्यप्रणाली और चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ता है। प्रशासन का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, बल्कि मरीजों और अस्पताल की व्यवस्था को सुरक्षित रखना है।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर पड़ता है असर
रिम्स प्रबंधन का कहना है कि कई बार अस्पताल के विभिन्न वार्डों और संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति कैमरे लेकर पहुंचने से चिकित्सा कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। इसी कारण अब रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग के लिए पूर्व स्वीकृति की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अस्पताल की सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें।
पत्रकारों के बीच शुरू हुई चर्चा
रिम्स प्रशासन के इस फैसले के बाद पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। मीडिया से जुड़े कई लोगों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वहीं दूसरी ओर रिम्स प्रशासन इसे मरीजों के हित में उठाया गया आवश्यक कदम बता रहा है।
पहले भी जारी हो चुके हैं ऐसे निर्देश
रिम्स में मीडिया प्रवेश और कवरेज को लेकर पहले भी समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। हालांकि इस बार प्रशासन ने स्पष्ट रूप से पूर्व अनुमति को अनिवार्य कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अस्पताल प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच समन्वय किस तरह से आगे बढ़ता है।
फिलहाल रिम्स प्रशासन ने सभी मीडिया संस्थानों से नई गाइडलाइन का पालन करने और अस्पताल की व्यवस्था तथा मरीजों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की है।






