झारखण्ड में अबुआ स्वास्थ्य योजना का विस्तार, गंभीर बीमारियों का इलाज 15 लाख तक

Jharkhand Health

Ranchi : झारखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी चल रही है। सरकार मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना को आपस में मर्ज करने पर गंभीरता से काम कर रही है, ताकि गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज में अधिक सहूलियत मिल सके।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अबुआ स्वास्थ्य योजना के लाभुकों को हर साल 15 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत किसी व्यक्ति या परिवार को जीवनभर अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती थी, जिसमें 10 लाख रुपये तक की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर और इससे अधिक राशि के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होती थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई अहम बैठक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी बीमारियों को अब मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना में शामिल किया जाएगा।

अब इस प्रस्ताव पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का अनुमोदन लिया जाएगा। मंत्री की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार की योजना है कि इस नई व्यवस्था को इसी वर्ष लागू कर दिया जाए।

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झारखण्ड में ही होगा इलाज, बाहर रेफर पर सख्ती
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत आने वाली सभी बीमारियों का इलाज झारखण्ड के चिकित्सा संस्थानों में ही कराया जाएगा। यदि किसी बीमारी का इलाज राज्य में उपलब्ध नहीं है, तभी निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा पर मरीज को राज्य से बाहर इलाज के लिए भेजा जाएगा।

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जिन बीमारियों का इलाज राज्य के सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है, उनके मामलों में सिविल सर्जन राज्य से बाहर रेफर नहीं कर सकेंगे। इससे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय अस्पतालों में इलाज को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा।

CGHS से बाहर के अस्पताल भी होंगे शामिल
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि झारखण्ड के वे अस्पताल, जो अभी तक सीजीएचएस (CGHS) के दायरे में नहीं हैं, उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इससे इलाज के लिए अस्पतालों के विकल्प बढ़ेंगे और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।

आम लोगों को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद झारखण्ड के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक बोझ से काफी राहत मिलेगी। राज्य सरकार का यह कदम सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक प्रयास माना जा रहा है।

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