दुलारचंद यादव केस: पोते ने कहा—अनंत सिंह ने मारी गोली
पोते नीरज कुमार बोले—“मैंने अपनी आंखों से देखा अनंत सिंह ने मेरे दादा पर गोली चलाई”, मोकामा में जन सुराज कार्यकर्ता की हत्या से राजनीतिक माहौल गरमाया
मोकामा (बिहार): बिहार की राजनीति एक बार फिर अपराध और सियासत के संगम से हिल गई है। मोकामा में जन सुराज कार्यकर्ता और पूर्व प्रत्याशी दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के पोते नीरज कुमार यादव ने सनसनीखेज दावा किया है कि पूर्व विधायक अनंत सिंह ने खुद उनके दादा को गोली मारी। नीरज ने कहा, “मुझे झूठा बताया जा रहा है, लेकिन मैंने अपनी आंखों से देखा है कि अनंत सिंह ने खुद गोली चलाई।”
इस दावे ने पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। मोकामा में रविवार को हुई इस वारदात के बाद जहां एक तरफ पुलिस जांच में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ इस बयान ने सियासी बयानबाजी को और तेज कर दिया है।
पोते नीरज का बड़ा बयान — ‘मैं मौके पर था’
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “घटना के वक्त मैं अपने दादा के साथ था। जब गोली चली, तो मैंने खुद देखा कि अनंत सिंह वहां मौजूद थे और उन्होंने सीधे मेरे दादा को निशाना बनाकर गोली चलाई। बाद में मुझे और परिवार को धमकी भी दी गई कि अगर कुछ कहा तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।”
नीरज का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि “मुझे राजनीतिक दबाव में झूठा साबित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। न्याय के लिए लड़ाई जारी रखूंगा।”
हत्या से गरमाई बिहार की राजनीति
मोकामा में जन सुराज के सक्रिय कार्यकर्ता रहे दुलारचंद यादव की हत्या ने जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) के संगठन को झकझोर दिया है। PK ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेद हत्या का कारण नहीं बन सकते। सरकार को इस मामले में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।”
वहीं, विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। राजद ने कहा कि “बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि खुलेआम राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी है।”
पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाल रही टीम
मोकामा एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कारतूस के तीन खोखे बरामद किए गए हैं और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम अनंत सिंह के कई नजदीकी लोगों से पूछताछ कर रही है। हालांकि अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि “हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद ही किसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।”
स्थानीय लोगों में दहशत, गांव में सन्नाटा
घटना के बाद मोकामा के उस गांव में दहशत का माहौल है जहां हत्या हुई। ग्रामीणों ने बताया कि देर शाम अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी और जब तक लोग पहुंचे, तब तक दुलारचंद यादव लहूलुहान होकर गिर चुके थे। ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गांव के लोगों का कहना है कि दुलारचंद यादव मिलनसार व्यक्ति थे और जन सुराज के कई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि
दुलारचंद यादव मोकामा क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता माने जाते थे। वे कभी अनंत सिंह के समर्थक रहे, लेकिन बाद में जन सुराज से जुड़ गए और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय राजनीति करने लगे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।
न्याय की मांग, विरोध प्रदर्शन की तैयारी
दुलारचंद यादव के समर्थक और जन सुराज के कार्यकर्ता मोकामा थाना परिसर के बाहर धरना देने की तैयारी में हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक अनंत सिंह की गिरफ्तारी नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
राज्यभर में इस घटना की गूंज सुनाई दे रही है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बिहार में फिर से अपराध की राजनीति हावी हो गई है।



