नया प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट, 80 साल पुराने साउथ ब्लॉक को अलविदा

Seva Teerth

नई दिल्ली: देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आज शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 से देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन करेंगे। दारा शिकोह रोड पर करीब 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस हाईटेक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी स्थापित किए गए हैं, जिससे शासन संचालन और कैबिनेट बैठकों की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम हो सकेगी।

करीब 80 वर्षों से सत्ता के केंद्र रहे साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में आज कैबिनेट की आखिरी और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय औपचारिक रूप से नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि साउथ ब्लॉक में पहली कैबिनेट बैठक 15 अगस्त 1947 को हुई थी, जिसकी अध्यक्षता देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी।

1189 करोड़ की लागत से बना आधुनिक परिसर
केंद्र सरकार की ओर से विकसित इस नए प्रशासनिक परिसर को आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से लैस किया गया है। सेवा तीर्थ में तीन प्रमुख भवन बनाए गए हैं— सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री का कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब 1,189 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

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सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को नए परिसर में शिफ्ट करने का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को केंद्रीकृत करना और प्रधानमंत्री की आवाजाही को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाना है। विजय चौक के पास बने इस परिसर से ट्रैफिक प्रबंधन में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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हाईटेक सुविधाओं से लैस ‘सेवा तीर्थ’
नए पीएमओ परिसर को पूरी तरह डिजिटल वर्क कल्चर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां हाई-स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस कार्य प्रणाली के लिए डिजिटल आर्काइव्स, अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम और स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा एडवांस्ड मॉनिटरिंग नेटवर्क और ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली भी विकसित की गई है, जिससे सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन पर भी ध्यान दिया जा सके।

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अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से प्रधानमंत्री, कैबिनेट और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों के बीच समन्वय पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगा। साथ ही आम लोगों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक को भावुक विदाई
आज साउथ ब्लॉक में होने वाली कैबिनेट बैठक को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह 80 वर्षों से देश की राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया का साक्षी रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली यह अंतिम बैठक एक युग के समापन और नए प्रशासनिक दौर की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।

सेवा तीर्थ में पीएमओ के शिफ्ट होने के साथ ही देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा, जो तकनीक, केंद्रीकरण और आधुनिक कार्यशैली पर आधारित होगा।

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