रांची नगर निगम चुनाव: वार्ड 27 में जाति प्रमाण पत्र पर घमासान, स्क्रूटनी में मंजूर—सीओ ने किया रद्द

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Ranchi : रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 27 का चुनाव इस बार दिलचस्प और विवादों से घिरा नजर आ रहा है। यह मामला वार्ड के चर्चित पूर्व पार्षद ओम प्रकाश से जुड़ा हुआ है। इस बार वार्ड 27 ओबीसी-टू महिला के लिए आरक्षित है, ऐसे में ओम प्रकाश ने खुद चुनाव न लड़ते हुए अपनी पत्नी महिमा देवी (महिमा कुमारी) को मैदान में उतारा है।

नामांकन और जाति प्रमाण पत्र पर सवाल
महिमा कुमारी ने पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके साथ उन्होंने इटकी अंचल कार्यालय द्वारा 24 जनवरी 2026 को जारी ओबीसी-टू जाति प्रमाण पत्र (संख्या: JHCBC/2026/50260) संलग्न किया।

स्क्रूटनी में क्या हुआ?
5 फरवरी को स्क्रूटनी के दौरान सुखदेवनगर निवासी विनोद कुमार शर्मा ने महिमा कुमारी के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। निर्वाची पदाधिकारी ने आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए प्रमाण पत्र के QR कोड को स्कैन कर सत्यापन किया। जांच में प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से वैध पाया गया, जिसके आधार पर नामांकन पत्र को सही ठहराते हुए स्वीकृत कर लिया गया।

इटकी सीओ का बड़ा फैसला
जहां एक ओर स्क्रूटनी में नामांकन वैध माना गया, वहीं दूसरी ओर जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले इटकी अंचलाधिकारी (सीओ) ने बाद में महिमा देवी का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया। इसी फैसले ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

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आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्क्रूटनी में प्रमाण पत्र वैध माना गया, और उसी प्रमाण पत्र को जारी करने वाला अधिकारी उसे रद्द कर रहा है, तो चुनाव आयोग/निर्वाची पदाधिकारी आगे क्या रुख अपनाएंगे? क्या नामांकन पर दोबारा विचार होगा या मामला उच्च प्रशासनिक/न्यायिक स्तर तक पहुंचेगा—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। वार्ड 27 का यह मामला अब राजनीतिक के साथ-साथ प्रशासनिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला संभव है।

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