रांची में JAP-2 जवान की सरकारी आवास में आत्महत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
रांची: रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP)-2 बटालियन के जवान शिवपूजन रजवार ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जवान की यह अचानक हुई मौत न केवल उनके सहकर्मियों के लिए बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी, थाने के अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दरवाजा तोड़ने पर मिला शव
सूत्रों के अनुसार, शिवपूजन रजवार ने बुधवार देर रात अपने क्वार्टर में फांसी लगाई थी। सुबह जब उनके साथी जवानों ने काफी समय तक कमरे का दरवाजा बंद देखा, तो उन्होंने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और जवान का शव फंदे से लटकता हुआ पाया गया। इस दुखद घटना से जवानों के बीच गंभीर शोक का माहौल है। उनके साथ काम करने वाले साथी जवानों का कहना है कि शिवपूजन बेहद जिम्मेदार और अनुशासित था, इसलिए इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
सुसाइड नोट नहीं मिला, कारणों की जांच जारी
फिलहाल किसी सुसाइड नोट का पता नहीं चला है। पुलिस ने कमरे से व्यक्तिगत दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान जब्त कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि मृतक के व्यक्तिगत जीवन, मानसिक स्थिति और ड्यूटी से संबंधित दबावों की गहनता से जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। कमरे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई है, ताकि किसी भी संभावित संदिग्ध परिस्थिति का पता लगाया जा सके। नगर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि मृतक जवान की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा।
परिजनों को दी गई सूचना, अंतिम संस्कार पुलिस देखरेख में
पुलिस ने मृतक जवान के परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है। परिजन जब रांची पहुंचे, तो पुलिस विभाग की देखरेख में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
सिटी एसपी ने कहा —
“यह घटना बेहद दुखद है। हम मृतक के परिजनों के साथ हैं और हर संभव मदद करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा संभव होगा।”
JAP-2 में गंभीर सवाल, विभाग में तनाव
इस घटना ने JAP-2 बटालियन के भीतर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दबाव पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विभाग अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ऐसे घटनाओं को रोका जा सके और जवानों को मानसिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस बल में काम करने वाले जवानों पर मानसिक दबाव अधिक होता है। समय पर परामर्श और सहयोग न मिलने पर ये घटनाएं अनियंत्रित रूप ले सकती हैं।
रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र की यह दुखद घटना हमें जवानों की मानसिक स्थिति और ड्यूटी के दबाव की गंभीरता की याद दिलाती है। फिलहाल पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पूरी तस्वीर सामने आएगी। पुलिस विभाग ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जांच जारी है।








