बोकारो में 13वीं झारखंड राज्य सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न, धनबाद और साहिबगंज बने चैंपियन
मुनादी LIVE : बोकारो जिले के सेक्टर-4 स्थित एमजीएम हाई सेकेंडरी स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय 13वीं झारखंड राज्य सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता का समापन आज हर्षोल्लास के साथ हुआ। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में आयोजित इस राज्य स्तरीय आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बालक वर्ग में धनबाद, बालिका वर्ग में साहिबगंज का जलवा
तीन दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद बालक वर्ग में धनबाद की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चतरा को पराजित कर चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं बालिका वर्ग में साहिबगंज की टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए बोकारो को हराकर विजेता का खिताब जीता। दोनों ही टीमों ने अपने मजबूत डिफेंस और चुस्त रेडिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया।
फाइनल मुकाबलों के दौरान मैदान में खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और संघर्ष ने खेल प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से साहिबगंज की बालिका टीम ने जिस आत्मविश्वास और सामूहिकता के साथ खेला, उसने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
743 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, 152 निर्णायकों ने संभाली जिम्मेदारी
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में झारखंड के 22 जिलों से कुल 743 खिलाड़ी (बालक एवं बालिका वर्ग) शामिल हुए। प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए 152 निर्णायकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
झारखंड राज्य कबड्डी संघ और स्थानीय आयोजन समिति की ओर से प्रतियोगिता को अत्यंत अनुशासित एवं पेशेवर तरीके से आयोजित किया गया।
समापन समारोह में सम्मानित हुए विजेता खिलाड़ी
समापन समारोह में बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह और एआरएम विनीत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में एसपी हरविंदर सिंह ने कहा,
“कबड्डी भारतीय संस्कृति से जुड़ा एक खेल है, जो टीम भावना, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह इस बात का संकेत है कि झारखंड के पास खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।”
वहीं एआरएम विनीत कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन से न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है बल्कि राज्य में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और खेल विभाग को चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली इन प्रतिभाओं को और आगे बढ़ाने के लिए ठोस व्यवस्था करें।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में विशेष आयोजन
इस प्रतियोगिता का आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में किया गया था। आयोजकों ने बताया कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण खेल के मैदान में युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
प्रतियोगिता का उद्देश्य भी यही था कि युवा पीढ़ी में खेल भावना और अनुशासन का संचार हो तथा वे राज्य का गौरव बढ़ाने में अपना योगदान दें।
खेल के क्षेत्र में झारखंड का बढ़ता परचम
झारखंड पिछले कुछ वर्षों में खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। हॉकी, एथलेटिक्स, फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों में झारखंड के खिलाड़ी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
कबड्डी के इस आयोजन से यह एक बार फिर साबित हुआ कि झारखंड की धरती पर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि अगर खिलाड़ियों को उचित मंच और सुविधाएं मिलें तो झारखंड के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की सराहना
समापन समारोह में उपस्थित अतिथियों और खिलाड़ियों ने बोकारो जिला प्रशासन, खेल विभाग, और स्थानीय आयोजन समिति की सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, आवास, भोजन और खेल सुविधाओं की उत्तम व्यवस्था की गई थी। प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को विशेष धन्यवाद दिया गया।
तीन दिनों तक चले इस कबड्डी महाकुंभ ने झारखंड के युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का नया संचार किया है। धनबाद और साहिबगंज की जीत ने यह साबित कर दिया कि झारखंड के हर जिले में खेल प्रतिभा छिपी है — बस जरूरत है उसे पहचानने और अवसर देने की।
राज्य खेल विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से इस तरह के आयोजन आगे भी होते रहे तो झारखंड निश्चित रूप से “खेल शक्ति झारखंड” के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकेगा।








