डुमरी में ट्रक से 75 लाख की विदेशी शराब जब्त, चार गिरफ्तार

Illegal Liquor Trade

आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी 800 पेटी शराब, उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

गिरिडीह: गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की एक बड़ी कार्रवाई से अवैध शराब तस्करों का नेटवर्क फिर से बेनकाब हुआ है। झारखंड से बिहार की ओर जा रही एक ट्रक से विभाग की टीम ने लगभग 75 लाख रुपये मूल्य की चंडीगढ़ निर्मित 800 पेटी विदेशी शराब जब्त की है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर देर रात की गई, जिसके बाद ट्रक को रोककर विस्तृत तलाशी ली गई।

आलू की परत के पीछे छिपाया गया था शराब का विशाल स्टॉक
जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम तब हैरान रह गई जब ट्रक के आगे की परत में केवल आलू की बोरियाँ दिखाई दीं, लेकिन जैसे ही बोरियाँ हटाई गईं, उसके पीछे सलीके से रखी शराब की पेटियाँ नजर आईं। यह स्पष्ट हो गया कि तस्कर कृषि उपज का सहारा लेकर शराब की बड़ी खेप की तस्करी कर रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि यह तरीका शराब माफियाओं द्वारा अक्सर अपनाया जाता है, ताकि चेकपोस्ट और पुलिस की निगरानी को धोखा दिया जा सके। प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत होता है कि तस्कर लंबे समय से इसी रूट का उपयोग कर अवैध सप्लाई कर रहे थे।

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पंजाब–हरियाणा के चार तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ में कई खुलासों की उम्मीद
कार्रवाई के दौरान ट्रक पर मौजूद चार व्यक्तियों — हरिंदर सिंह, बिंदर सिंह, हरपीत सिंह और दीपक कुमार — को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी पंजाब और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

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उत्पाद विभाग की टीम पूछताछ कर रही है कि यह शराब किसके निर्देश पर और कहां पहुंचाई जानी थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार तस्करों ने प्राथमिक पूछताछ में नेटवर्क का कुछ हिस्सा उजागर किया है, लेकिन पूरी सप्लाई चैन और फाइनेंसर की जानकारी अभी गोपनीय रखी जा रही है।

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तस्करों का बदलता तरीका—कृषि उपज की आड़ में अवैध तस्करी
जांच अधिकारियों का कहना है कि तस्करों ने ट्रक के ऊपरी हिस्से में आलू की परत लगाकर नीचे शराब की पेटियाँ छिपाई थीं। यह तरीका इसलिए अपनाया गया कि रास्ते में यदि वाहन की सामान्य जांच हो तो केवल कृषि सामग्री दिखे और ट्रक को आगे बढ़ा दिया जाए।

हाल के महीनों में शराब तस्करों द्वारा दूध टैंकर, सब्जी वाहनों और फल से भरे ट्रकों में शराब की तस्करी की घटनाएँ भी सामने आई हैं। डुमरी की यह कार्रवाई उसी गैंग की गतिविधियों का हिस्सा हो सकती है।

उत्पाद विभाग ने बताया—यह सिर्फ एक खेप नहीं, बड़ा नेटवर्क सक्रिय
उत्पाद विभाग ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि गिरिडीह, कोडरमा, डुमरी और बिहार की सीमा के आसपास अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क बेहद सक्रिय है और बार-बार नई रणनीतियों का उपयोग कर रहा है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस बार जब्त की गई शराब चंडीगढ़ निर्मित है, जिसे आमतौर पर उत्तर भारत के बाज़ारों से तस्करी कर झारखंड और बिहार के सूखे क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी का लाभ उठाकर तस्कर भारी मुनाफा कमाते हैं।

ट्रक का रूट खंगाला जा रहा है, कई जिलों से जुड़ सकते हैं तार
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रक पंजाब से रवाना हुआ था और बिहार में किसी बड़े कंज्यूमर तक शराब पहुंचाई जानी थी। उत्पाद विभाग अब ट्रक के पूरे रूट की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि—

  • शराब कहाँ लादी गई,
  • रास्ते में कौन-कौन से एजेंट जुड़े थे,
  • और सप्लाई किस क्षेत्र में की जानी थी।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस नेटवर्क में स्थानीय लोग या परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल हैं।

जांच आगे भी जारी, कई और गिरफ्तारियों की उम्मीद
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसी बड़े नेटवर्क के शुरुआती सिरों पर हाथ पड़ा है।
गिरफ्तार तस्करों की निशानदेही पर जल्द ही कई और छापेमारी की संभावना है। विभाग ने कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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