हजारीबाग में मिलावटी पनीर–मक्खन फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई
1.3 क्विंटल पनीर और 40 लीटर मक्खन जब्त; परिसर सील, जांच जारी
हजारीबाग: हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार 30 नवंबर को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन की टीम ने चुरचू के पूर्णापानी क्षेत्र में अवैध तरीके से संचालित एक खाद्य निर्माण परिसर पर औचक छापेमारी की। छापेमारी में भारी मात्रा में मिलावटी पनीर और मक्खन बरामद हुआ। प्रथम दृष्टया यह पूरा परिसर बिना किसी लाइसेंस और मानक के खाद्य पदार्थ बना रहा था। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिसर को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया।
गंदगी और अवैध उत्पादन का अड्डा बना था परिसर
छापेमारी टीम के अधिकारियों ने बताया कि अनिल सिंह के स्वामित्व वाले इस परिसर में अत्यंत अस्वच्छ माहौल पाया गया। कमरे में फैली सीलन, बदबू, खुले बर्तनों में रखा पनीर और मक्खन, गंदे पानी का उपयोग और निर्माण सामग्री के पास रखे रासायनिक पदार्थों ने इस बात पर तुरंत मुहर लगा दी कि यहां लंबे समय से खाद्य मिलावट का गोरखधंधा चल रहा था। परिसर न तो FSSAI से पंजीकृत था और न ही किसी प्रकार का लाइसेंस मौजूद था। इसके बावजूद इस जगह से बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पाद बाजार में सप्लाई किए जाने के संकेत मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि उत्पादन की स्थिति ऐसी थी कि मानव उपभोग के लिए तैयार कोई भी खाद्य सामग्री यहां सुरक्षित नहीं थी। कई जगहों पर मक्खन और पनीर को मक्का स्टार्च और अन्य मिलावटी पदार्थों की मदद से तैयार किया जाता था। यह क्रिया रात में होती थी ताकि आसपास के लोगों को भनक न लगे।
1.3 क्विंटल मिलावटी पनीर और 40 लीटर मक्खन जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने परिसर से तकरीबन 1.3 क्विंटल संदिग्ध पनीर, 40 लीटर मक्खन और लगभग 10 किलो मक्का स्टार्च जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक पनीर की बनावट और गंध से ही स्पष्ट हो गया कि यह शुद्ध नहीं है। मौके से संग्रहित नमूनों को राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला नामकुम भेजा जा रहा है, जहां वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद मिलावट की प्रकृति और उसकी गंभीरता का पता चलेगा।
जब्त किए गए खाद्य पदार्थों को चरही थाना में सुरक्षित जमा करा दिया गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद इन्हें नष्ट किया जाएगा।
डीसी के निर्देश पर चली कार्रवाई, परिसर सील
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के स्पष्ट निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पूर्णापानी क्षेत्र में कम कीमत पर नकली और घटिया गुणवत्ता का पनीर सप्लाई किया जा रहा है। कई होटल और मिठाई दुकानों तक इसकी आपूर्ति होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना सूचना छापेमारी करने का फैसला किया।
छापेमारी के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं के तहत परिसर को अगले आदेश तक पूरी तरह सील कर दिया गया है। मालिक और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मिलावटखोरी पर बड़ी चोट, लोगों में राहत और आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस इलाके में लंबे समय से ऐसे मिलावटी उत्पाद बेचे जा रहे थे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। कई ग्रामीणों ने बताया कि सस्ते दाम पर मिलने वाला पनीर और मक्खन अक्सर बदबूदार होता था। अब छापेमारी के बाद लोगों में राहत तो है, लेकिन इस बात पर भी गुस्सा है कि इतनी बड़ी मात्रा में मिलावटखोरी इतनी आसानी से हो रही थी।
“फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप” पर शिकायत करने की अपील
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी दुकान, होटल या फैक्ट्री में मिलावट या खराब गुणवत्ता का खाद्य पदार्थ पाया जाए तो तुरंत “फूड सेफ्टी कनेक्ट” ऐप पर शिकायत दर्ज करें। ऐप के माध्यम से की गई शिकायतें सीधे विभाग को प्राप्त होती हैं, जिससे टीम त्वरित कार्रवाई कर पाती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिसंबर महीने में पूरे जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। त्योहारों और शादी–समारोहों के मौसम में डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में नकली उत्पादों की बिक्री भी तेजी से बढ़ जाती है। इसी वजह से विभाग ने कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है।







