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रामगढ़ से 49 लाख की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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Ramgarh : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के वागले स्टेट पुलिस स्टेशन की टीम ने झारखंड के रामगढ़ थाना पुलिस के सहयोग से एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में 49 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी आशीष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को रामगढ़ थाना क्षेत्र के पंजाबी गुरुनानक मोहल्ला से पकड़ा गया। पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मान रही है।

फर्जी कॉल और लिंक से करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आशीष कुमार सिंह एक संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा था और लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा रहा था। आरोपी फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और अन्य डिजिटल तरीकों से पीड़ितों की बैंकिंग जानकारी हासिल करता था और फिर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देता था।

इस मामले में 49 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने 33 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 लाख रुपये की राशि फ्रीज करा दी है।

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गिरफ्तारी के समय मिले अहम सबूत
पुलिस ने आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जिनसे उसके साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बरामद वस्तुओं में 13 अलग-अलग बैंकों की पासबुक, कई सिम कार्ड, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण शामिल हैं। इन सामग्रियों से साफ है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी बैंक खाते और मोबाइल नंबर का उपयोग कर ठगी को अंजाम दिया।

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और लोगों के शामिल होने की आशंका
रामगढ़ थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र के ठाणे में पहले से साइबर ठगी का मामला दर्ज था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच चल रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान के लिए तकनीकी जांच जारी है।

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पुलिस की आम लोगों से अपील
संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर क्राइम सेल को सूचना दें।

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