राधा गोविंद विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग द्वारा शहीद दिवस का भावपूर्ण आयोजन
रामगढ़: राधा गोविंद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा 30 जनवरी 2026 को शहीद दिवस के अवसर पर एक गरिमामय एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित देश के समस्त अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, बलिदान की भावना तथा नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने गहन श्रद्धा के साथ भाग लिया। इस दौरान पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने अपने संबोधन में शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें एक मजबूत, नैतिक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि इतिहास विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में राष्ट्रीय चेतना, देशभक्ति और नैतिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ते हैं और उन्हें समाज के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं।
कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने शहीदों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सत्य, अहिंसा और सेवा के मूल्यों को अपने जीवन में उतारें।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम ने कहा कि 30 जनवरी केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह सत्य, अहिंसा और बलिदान की अमर स्मृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक ऐसी विचारधारा हैं जो आज भी समाज को दिशा प्रदान करती है।
इस अवसर पर डॉ. ममता ने शहीद दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और मानव मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना से भर गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, शिक्षकगण डॉ. मीरा, डॉ. श्वेता, डॉ. शंकर, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








