हत्या–अपहरण में उम्रकैद की सजा काट रहा PLFI उग्रवादी गिरफ्तार

Sameer Tirki

गुमला: हत्या और अपहरण जैसे संगीन मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का कुख्यात उग्रवादी समीर तिर्की आखिरकार गुमला पुलिस के हत्थे चढ़ गया। करीब एक साल तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार चल रहा समीर तिर्की को शनिवार देर रात उसके पैतृक गांव वृंदा से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई गुमला पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

होटवार जेल से फिल्मी अंदाज़ में हुआ था फरार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, समीर तिर्की 28 फरवरी 2025 की रात रांची स्थित Birsa Munda Central Jail से फरार हो गया था। जांच में सामने आया था कि उसने जेल की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य गेट के रास्ते बाहर निकलने में सफलता पाई।

अगली सुबह करीब 5:30 बजे कैदियों की नियमित गिनती के दौरान उसके गायब होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस संबंध में खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा रजिस्टर व ड्यूटी चार्ट की गहन जांच की गई थी।

गुप्त सूचना पर गुमला पुलिस की सटीक कार्रवाई
समीर तिर्की की गिरफ्तारी को लेकर गुमला पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी महेंद्र करमाली के नेतृत्व में गठित टीम ने वृंदा गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा।

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गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार दोपहर 2 बजे रांची ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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उग्रवादी पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास
समीर तिर्की गुमला जिले के वृंदा गांव, भंडरा टोली का निवासी है। वह वर्ष 2013 में अपहरण और हत्या के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार हुआ था। लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2022 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

शुरुआती दौर में उसका संबंध उग्रवादी संगठन “पहाड़ी चीता” से रहा, बाद में वह People’s Liberation Front of India का सक्रिय सदस्य बन गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
होटवार जैसी हाई-सिक्योरिटी जेल से कुख्यात उग्रवादी का फरार होना पहले ही जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर चुका है। अब एक साल बाद उसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह मामला अब भी प्रशासनिक चूक और सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की मांग करता है।

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