रांची रेल मंडल में RPF की बड़ी कार्रवाई: 16 किलो गांजा जब्त, 4 नाबालिग सुरक्षित रेस्क्यू
ऑपरेशन नार्कोस और AAHT के तहत नशा तस्करी व मानव तस्करी पर बड़ा वार, रेलवे सुरक्षा और सख्त
रांची: रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 किलो गांजा जब्त किया है। इसके साथ ही अलग-अलग अभियानों में चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल संरक्षण इकाइयों को सौंपा गया। कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में आरपीएफ पोस्ट रांची, हटिया और फ्लाइंग टीम द्वारा यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन “नार्कोस” में पकड़ा गया 16 किलो गांजा
ऑपरेशन “नार्कोस” के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। ट्रेन संख्या 18309 एक्सप्रेस के कोच S-7 में जांच के दौरान सीट संख्या 04 पर बैठे मोहन सिंह (41), निवासी सुंदरगढ़ (ओडिशा) के बैग से प्लास्टिक में लिपटा गांजा बरामद हुआ।
उसके बयान के आधार पर उसी कोच की सीट संख्या 64 पर बैठे राहुल पांडेय (32), निवासी गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) की तलाशी ली गई, जिसके पास से भी गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों के पास से कुल 8 पैकेट गांजा जब्त किया गया, जिसका वजन करीब 16 किलोग्राम और अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे गांजा ओडिशा से खरीदकर उत्तर प्रदेश में अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जीआरपी रांची को सौंप दिया गया।
ऑपरेशन “AAHT” में मानव तस्करी की कोशिश नाकाम
24-25 फरवरी की दरम्यानी रात ट्रेन संख्या 12825 झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में ऑपरेशन “AAHT” के तहत जांच के दौरान एक महिला दो नाबालिग बालिकाओं के साथ संदिग्ध स्थिति में मिली। महिला ने अपना नाम रेशमा देवी (40), निवासी दिल्ली बताया।
पूछताछ में दोनों लड़कियों ने बताया कि वे सिमडेगा की रहने वाली हैं और घरेलू काम के लिए दिल्ली ले जाई जा रही थीं। जांच में खुलासा हुआ कि महिला प्रति बालिका 14-15 हजार रुपये वेतन तय कर कमीशन लेने वाली थी और उसके खिलाफ पहले से भी गंभीर मामले दर्ज हैं। महिला को गिरफ्तार कर एएचटीयू थाना को सौंप दिया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को सुरक्षित आश्रय गृह भेजा गया।
ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” में दो बालकों का रेस्क्यू
इसी क्रम में हटिया रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 1 से दो नाबालिग बालकों को संदिग्ध अवस्था में घूमते पाया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे चतरा से घर छोड़कर मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाने की योजना बना रहे थे। आरपीएफ ने तुरंत चाइल्ड लाइन रांची को सूचना देकर दोनों को परामर्श और संरक्षण के लिए सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ टीम की सतर्कता की सराहना
इन अभियानों में आरपीएफ पोस्ट रांची, हटिया, फ्लाइंग टीम और डीएनएफटी टीम की सक्रिय भूमिका रही। कमांडेंट पवन कुमार ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे परिसरों में अवैध गतिविधियों और मानव तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लगातार चल रही इन कार्रवाइयों से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे नशा तस्करी और मानव तस्करी जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।








