झारखंड को 412 करोड़ की बड़ी मदद, पंचायतों में सुधरेगी पानी और सफाई व्यवस्था
रांची: केंद्र सरकार ने झारखंड के ग्रामीण विकास को मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य को 412.68 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। यह राशि वर्ष 2024-25 की दूसरी किस्त के रूप में दी जा रही है, जिसे टाइड ग्रांट के रूप में जारी किया गया है।
इस अनुदान का उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों—ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला परिषद—को सशक्त बनाना और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना है।
किन पंचायतों को मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- राज्य की 4,345 ग्राम पंचायतों में से 4,342 को यह राशि मिलेगी
- 264 में से 253 ब्लॉक पंचायतों को शामिल किया गया है
- सभी 24 जिला परिषदों को इस योजना का लाभ मिलेगा
यानी अधिकांश स्थानीय निकाय इस वित्तीय सहायता से सीधे लाभान्वित होंगे।
कैसे होगा राशि का वितरण
केंद्र सरकार ने राशि वितरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं।
- धन का बंटवारा 2011 की जनगणना और क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा
- यदि राज्य वित्त आयोग (SFC) की सिफारिशें उपलब्ध होंगी, तो उसी के अनुसार वितरण होगा
- अन्यथा जनसंख्या और क्षेत्रफल के 90:10 अनुपात को लागू किया जाएगा
यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि संसाधनों का वितरण संतुलित और पारदर्शी तरीके से हो।
10 दिनों में पैसा पहुंचाना होगा अनिवार्य
राज्य सरकार को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह यह पूरी राशि बिना किसी कटौती के संबंधित निकायों तक पहुंचाए।
- पैसा 10 कार्य दिवसों के भीतर ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा
- देरी होने पर राज्य सरकार को ब्याज के साथ भुगतान करना पड़ेगा
यह प्रावधान समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
किन कामों में खर्च होगी राशि
यह एक टाइड ग्रांट है, यानी इसका उपयोग केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही किया जा सकता है। मुख्य तौर पर राशि का उपयोग होगा:
स्वच्छता (Sanitation)
पेयजल आपूर्ति (Drinking Water)
निर्देशों के अनुसार:
करीब 50% राशि स्वच्छता पर खर्च होगी
बाकी 50% पेयजल सेवाओं पर
हालांकि, स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसमें मामूली बदलाव की अनुमति भी दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में दिखेगा सीधा असर
इस अनुदान से झारखंड के ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई और पीने के पानी की व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
गांवों में जल आपूर्ति, नल-जल योजनाएं, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं मजबूत होंगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेज होंगे, लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा ।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ-साथ पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।








