झारखंड में 1 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू
मकान सूचीकरण और आवास गणना के तहत घर-घर जुटाई जाएगी जानकारी, 40 तक सवाल पूछे जाएंगे
मुनादी लाइव : झारखंड में 1 अप्रैल से जनगणना 2026 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है, जो राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य किया जाएगा, जिसके तहत राज्य के हर घर, परिवार और उनकी जीवन स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस प्रक्रिया के तहत सरकारी कर्मी घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे। हालांकि, सरकार ने लोगों को यह सुविधा भी दी है कि वे चाहें तो अपनी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से स्वयं दर्ज कर सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी संबंधित कर्मियों द्वारा उस जानकारी का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस चरण में लगभग 33 से 40 सवाल पूछे जाएंगे, जो मकान की स्थिति से लेकर परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति तक फैले होंगे।
मकान और परिवार से जुड़ी ली जाएगी विस्तृत जानकारी
जनगणना के दौरान मकानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसमें भवन संख्या, मकान की बनावट, दीवार और छत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, मकान का उपयोग और उसकी वर्तमान स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके साथ ही परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार की संरचना और उनकी रहने की स्थिति के बारे में भी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी।
परिवार से जुड़े विवरण में मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग और मकान के स्वामित्व की स्थिति के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। यह भी दर्ज किया जाएगा कि परिवार अपने घर में रह रहा है या किराए के मकान में।
बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों का भी होगा आकलन
इस चरण में घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पानी का स्रोत, बिजली या अन्य रोशनी की व्यवस्था, शौचालय, रसोई, ईंधन, स्नान की सुविधा और गंदे पानी की निकासी जैसे पहलू शामिल होंगे। इसके अलावा घर में उपलब्ध संसाधनों जैसे रेडियो, टेलीविजन और अन्य घरेलू सुविधाओं की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
डिजिटल और परिवहन सुविधाओं के तहत इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, मोटरसाइकिल और कार जैसी चीजों की उपलब्धता के बारे में भी सवाल किए जाएंगे।
सामाजिक-आर्थिक स्थिति का भी होगा आंकलन
परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को समझने के लिए बैंक खाते, आय के स्रोत, घर में चल रहे व्यवसाय और बाहर काम करने वाले सदस्यों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इसके साथ ही परिवार में किसी दिव्यांग सदस्य की उपस्थिति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी, ताकि भविष्य की योजनाओं में इन पहलुओं को शामिल किया जा सके।
योजनाओं के लिए तैयार होगा मजबूत डेटा
यह जनगणना चरण राज्य की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक तस्वीर सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने, संसाधनों का बेहतर वितरण करने और जरूरतमंद वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी दें, ताकि राज्य के विकास की दिशा में यह प्रक्रिया प्रभावी साबित हो सके।






