डुमरी विधायक जयराम महतो का गुस्सा, मोबाइल छीनकर जमीन पर पटका
पुष्पा हत्याकांड पर चास पहुंचे विधायक, आरोप सुनते ही भड़के, वीडियो बना रहे युवक पर उतारा गुस्सा
मुनादी लाइव : बोकारो जिले के चास में पुष्पा महतो हत्याकांड को लेकर निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान एक विवादित घटना सामने आई है। डुमरी विधायक जयराम महतो वहां पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान उनका गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने एक युवक का मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया।
यह पूरी घटना उस समय हुई जब कैंडल मार्च के दौरान मौजूद लोगों ने विधायक से सवाल-जवाब करना शुरू किया। बताया जा रहा है कि एक महिला ने आरोप लगाया कि जेकेएलएम की एक महिला नेता ने मृतका पुष्पा महतो की मां से पुलिस और अन्य खर्च के नाम पर ₹10,000 लिए हैं।
आरोप सुनते ही भड़के विधायक
जैसे ही यह आरोप विधायक के सामने आया, वे तुरंत भड़क उठे और आरोप लगाने वाली महिला से प्रमाण मांगने लगे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोग पूरे घटनाक्रम को मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहे थे। वीडियो रिकॉर्डिंग होते देख विधायक का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने एक युवक के हाथ से मोबाइल छीन लिया और उसे जमीन पर पटक दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
समर्थकों ने भी रोका वीडियो बनाना
घटना के दौरान विधायक के समर्थकों ने भी लोगों को वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की। माहौल तनावपूर्ण होता देख समर्थकों ने विधायक को वहां से हटाया और उन्हें वाहन में बैठाकर वापस भेज दिया।
कैंडल मार्च के दौरान हुआ विवाद
गौरतलब है कि चास में स्थानीय लोगों और महिलाओं द्वारा पुष्पा महतो हत्याकांड को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया था। इसी कार्यक्रम में विधायक जयराम महतो भी पहुंचे थे और मृतका के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान अचानक यह विवाद खड़ा हो गया, जिससे पूरे आयोजन का माहौल बिगड़ गया।
जेकेएलएम की सफाई
इस पूरे मामले पर जेकेएलएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष मोतीलाल ने सफाई देते हुए कहा कि विधायक मृतका की मां को सांत्वना देने गए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने महिला नेता पर निराधार आरोप लगाए, जिसका विधायक ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि वहां कुछ युवक जबरन वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, जबकि एक महिला के चरित्र पर गलत आरोप लगाए जा रहे थे। विधायक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने, तो गुस्से में मोबाइल पटक दिया।
उठ रहे हैं सवाल
हालांकि, इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह का व्यवहार कितना उचित है। सार्वजनिक स्थान पर मोबाइल छीनकर पटकना और लोगों को रिकॉर्डिंग से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना जा रहा है।
मामला बना चर्चा का विषय
फिलहाल यह पूरा मामला बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच होती है।








