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NEET-UG पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, केंद्र बोला- PM खुद कर रहे निगरानी

NEET UG Paper Leak Supreme Court

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया। शीर्ष अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय से सवाल किया कि आखिर परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी कौन-सी चूक हुई, जिसकी वजह से पेपर लीक जैसी गंभीर घटना सामने आई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह विस्तृत हलफनामा दाखिल कर बताए कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह संस्थागत और सुरक्षित बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।

NTA ने कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
सुनवाई के दौरान NTA ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि एजेंसी परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। NTA ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं। एजेंसी ने बताया कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को समयबद्ध तरीके से लागू कर दिया गया है।

21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद अब NEET-UG परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है। देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 21 जून को परीक्षा कराई जाएगी। सरकार ने दावा किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होगी और किसी भी प्रकार की धांधली की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।

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NTA ने बताए सुरक्षा के नए इंतजाम
हलफनामे में NTA ने बताया कि हाई लेवल संचालन समिति ने 17 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए थे। इनमें परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी जांच, कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखना, मॉक ड्रिल, मौसम आधारित इमरजेंसी प्लान और पावर बैकअप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा परीक्षा के बाद CCTV फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की भी सिफारिश की गई है, ताकि किसी भी अनियमितता की पहचान की जा सके।

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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- आखिर कहां हुआ फेलियर?
सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या कमी रह गई कि परीक्षा का पेपर ही लीक हो गया। कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय से कहा कि वह यह भी बताए कि NTA के भीतर विशेषज्ञ स्टाफ और स्थायी तंत्र विकसित करने के लिए क्या रोडमैप तैयार किया गया है।

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दो हफ्ते बाद अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी। देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। NEET-UG पेपर लीक विवाद ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं सुप्रीम कोर्ट की सख्ती ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस मामले में जवाबदेही तय होकर रहेगी।

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