JSSC परीक्षा में कंप्यूटर हैकिंग की जांच CID करेगी, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
कोर्ट ने परीक्षा में इस्तेमाल सभी कंप्यूटरों की जांच का दिया निर्देश
कंप्यूटर नंबर 28 और 19 में गड़बड़ी के बाद उठे सवाल
रांची: झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने शनिवार को महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने परीक्षा के दौरान सामने आई कथित कंप्यूटर हैकिंग और तकनीकी गड़बड़ी की जांच CID से कराने का निर्देश दिया है। मामला परीक्षा में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर नंबर 28 और 19 में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद शुरू हुआ था। हाईकोर्ट ने जांच का दायरा केवल इन दो कंप्यूटरों तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि परीक्षा में इस्तेमाल किए गए सभी कंप्यूटरों की तकनीकी जांच की जाए।
15 जनवरी से 22 फरवरी 2026 तक हुई थी परीक्षा
झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन 15 जनवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 के बीच किया गया था। परीक्षा के दौरान कंप्यूटर नंबर 28 और 19 को कथित तौर पर हैक किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने प्रभावित परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने का फैसला लिया था। आयोग के इस फैसले के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को दी गई थी चुनौती
JSSC के दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे मामले की जांच CID से कराने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के बाद अब जांच एजेंसी कथित हैकिंग और परीक्षा में हुई तकनीकी गड़बड़ी की पूरी पड़ताल करेगी। जांच में परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में किसी तरह की बाहरी छेड़छाड़ हुई थी या नहीं, इसका पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

सिर्फ दो नहीं, सभी कंप्यूटरों की होगी जांच
हाईकोर्ट ने जांच के दायरे को व्यापक रखते हुए स्पष्ट किया कि कंप्यूटर नंबर 28 और 19 के अलावा परीक्षा में इस्तेमाल किए गए सभी कंप्यूटरों की जांच की जाए। इस आदेश के बाद परीक्षा केंद्रों पर इस्तेमाल हुए कंप्यूटर सिस्टम, उनमें मौजूद तकनीकी रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कथित गड़बड़ी वास्तव में सिर्फ दो कंप्यूटरों तक सीमित थी या इसका असर अन्य कंप्यूटरों पर भी पड़ा था।
अब CID करेगी पूरे मामले की पड़ताल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब CID पूरे मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान सबसे अहम सवाल यही होगा कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटरों के साथ वास्तव में हैकिंग या किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं। इसके साथ ही CID यह भी जांच करेगी कि कंप्यूटर नंबर 28 और 19 में सामने आई तकनीकी गड़बड़ी का स्वरूप क्या था और इसका परीक्षा की प्रक्रिया पर कितना प्रभाव पड़ा। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी रिकॉर्ड के आधार पर यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित गड़बड़ी किसी व्यक्ति की वजह से हुई या इसके पीछे कोई संगठित प्रयास था।
परीक्षा दोबारा होगी या नहीं, जांच से जुड़ेगा फैसला
JSSC की ओर से प्रभावित परीक्षा को दोबारा कराने का फैसला पहले ही लिया गया था, लेकिन अब हाईकोर्ट के CID जांच के आदेश के बाद पूरे मामले की तस्वीर जांच रिपोर्ट के बाद और स्पष्ट होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने परीक्षा में कथित कंप्यूटर हैकिंग के मामले को एक नई दिशा दे दी है। सभी कंप्यूटरों की जांच से परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित तकनीकी गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।






