पेपर लीक कांड: 166 आरोपी कोर्ट में पेश, 15 लाख में होती थी सेटिंग

Jharkhand paper leak case

रांची सिविल कोर्ट में पेशी, 5 मास्टरमाइंड समेत सैकड़ों अभ्यर्थी गिरफ्तार

रांची : रांची में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 166 आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पांच बसों से रांची सिविल कोर्ट लाया गया। जानकारी के अनुसार, आरोपियों को दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर कोर्ट परिसर लाया गया और करीब 4 बजकर 10 मिनट पर एजेसी-1 योगेश कुमार की अदालत में पेश किया गया। इनकी पेशी 25-25 के बैच में कराई गई।

कैसे हुआ खुलासा?
पूरा मामला तब सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हैं और संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना मिलते ही विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात वहां दबिश दी। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 160 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कौन-कौन गिरफ्तार?
इस मामले में कुल 166 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें:

152 पुरुष अभ्यर्थी
7 महिला अभ्यर्थी
5 गैंग सरगना
अन्य सहयोगी शामिल हैं

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गिरफ्तार मास्टरमाइंड में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम सामने आए हैं। ये सभी अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।

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15-15 लाख में होती थी डील
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गैंग ने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए 15-15 लाख रुपये तक की डील की थी। कई अभ्यर्थियों ने अग्रिम भुगतान के रूप में बैंक चेक भी दिए थे। गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव में एकत्र कर उन्हें संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे। इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने पास रख लिए गए थे, ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके।

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मौके से क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। हालांकि विस्तृत जांच अभी जारी है, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो बड़े स्तर पर परीक्षा में धांधली कराने की कोशिश कर रहा था।

दर्ज हुआ मामला
इस पूरे मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवाओं के भविष्य से जुड़े इस तरह के मामलों ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ा दी है।

आगे क्या?
अब इस मामले में कोर्ट की कार्यवाही और पुलिस जांच पर सबकी नजर टिकी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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