झारखंड में बढ़ेगा पारा, 17-18 अप्रैल को कई जिलों में लू का अलर्ट
अगले 5 दिनों में तापमान 3-5 डिग्री बढ़ने की संभावना, 42°C तक पहुंच सकता है पारा
रांची : झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अब राज्य में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
17-18 अप्रैल को लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है, उनमें रांची, खूंटी, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और सरायकेला-खरसांवा शामिल हैं। इन इलाकों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
42 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। इससे गर्मी का प्रकोप और तेज हो जाएगा। पहले ही सरायकेला में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
कहीं-कहीं हो सकती है बारिश
हालांकि 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे कुछ इलाकों में थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन 19 अप्रैल से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और राज्य में शुष्क गर्मी का असर देखने को मिलेगा।
जिलों का तापमान
राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है:
रांची: 35.2°C
जमशेदपुर: 39°C
मेदिनीनगर: 39.8°C
बोकारो: 39.1°C
हजारीबाग: 36.2°C
गुमला: 35.5°C
पाकुड़: 37.7°C
इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच पहुंच चुका है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने को कहा गया है। दोपहर में धूप से बचें,पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें । झारखंड में आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने वाली है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।








