हजारीबाग में हेडमास्टर पर छेड़छाड़ का आरोप, 24 से अधिक छात्राओं ने की शिकायत
चाइल्ड हेल्पलाइन में शिकायत के बाद एक्शन, 24+ छात्राओं ने लगाए आरोप
हजारीबाग: हजारीबाग जिले के चरही थाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल से बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक हेडमास्टर पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले ने न केवल स्कूल बल्कि पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 12 से अधिक छात्राओं ने शुरुआत में शिकायत की थी, लेकिन जांच के दौरान यह संख्या बढ़कर 24 से अधिक बताई जा रही है। यह घटना 11 अप्रैल की बताई जा रही है, जब दो छात्राओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर अपनी आपबीती सुनाई।
छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छात्राओं का आरोप है कि पढ़ाई के दौरान हेडमास्टर ने उनके साथ शारीरिक छेड़खानी की और गलत तरीके से स्पर्श किया। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें इस बारे में किसी को बताने पर बुरे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
पुलिस और बाल कल्याण समिति की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। आयोग की टीम चरही पुलिस के साथ स्कूल पहुंची और मामले की प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद पीड़ित छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष हजारीबाग ले जाया गया। बाल कल्याण समिति ने जांच के बाद चरही थाना को आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
सामाजिक संगठनों ने भी उठाई आवाज
मामले को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संपूर्ण संकट मोचन संगठन की अध्यक्ष अमीषा प्रसाद ने थाने में लिखित आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनके साथ पंचायत समिति सदस्य आशा राय और शक्ति देवी भी मौजूद रहीं। अमीषा प्रसाद ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और आरोपी शिक्षक को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
पुलिस जांच जारी
चरही थाना प्रभारी कुंदनकांत विमल ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्कूल का माहौल, शिक्षक की कार्यशैली और छात्राओं के आरोप शामिल हैं।
अभिभावकों में आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है। लोग स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हजारीबाग का यह मामला शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और दोषियों को कब तक सजा दिलाई जाती है।






