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जाम हुआ महंगा! नई पॉलिसी से शराब के दाम 20% तक बढ़ सकते हैं

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नई एक्साइज पॉलिसी में बड़ा बदलाव, अब अल्कोहल कंटेंट के आधार पर तय होगा टैक्स

मुनादी लाइव : शराब पीने वालों के लिए आने वाले दिनों में जेब पर बड़ा असर पड़ सकता है। नई एक्साइज नीति के तहत शराब की कीमतों में 10% से लेकर 20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, कर्नाटक सरकार ने एक्साइज ड्यूटी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है, जिसका असर सिर्फ कर्नाटक ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।

60 साल पुराने सिस्टम में बदलाव
सरकार ने ‘एक्साइज ड्यूटी और फीस नियम, 2026’ का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत करीब 60 साल पुराने टैक्स सिस्टम को बदलने की योजना है। अब तक शराब पर टैक्स बोतल के वॉल्यूम या एमआरपी (MRP) के आधार पर लगाया जाता था, लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद यह पूरी तरह बदल जाएगा।

अब अल्कोहल कंटेंट पर लगेगा टैक्स
नई पॉलिसी के अनुसार, शराब पर टैक्स अब उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा यानी Alcohol-in-Beverage (AIB) के आधार पर तय किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जितनी ज्यादा शराब में अल्कोहल की मात्रा होगी, उस पर उतना ही ज्यादा टैक्स लगेगा।

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10-20% तक बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद शराब और बीयर की कीमतों में 10% से 20% तक का इजाफा हो सकता है। खासतौर पर हाई-अल्कोहल ड्रिंक्स पर ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जिससे प्रीमियम और स्ट्रॉन्ग शराब महंगी हो सकती है।

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कंपनियां तय करेंगी कीमत?
इस नए मॉडल में कंपनियों को भी कीमत तय करने में ज्यादा भूमिका मिल सकती है। यानी बाजार में प्रतिस्पर्धा के आधार पर कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे अलग-अलग ब्रांड्स की कीमतों में अंतर बढ़ सकता है।

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अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा असर
अगर कर्नाटक में यह मॉडल सफल रहता है, तो संभावना है कि दूसरे राज्य भी इसे अपनाएं। इससे पूरे देश में शराब के टैक्स और कीमतों का ढांचा बदल सकता है।

क्या होगा असर?
इस बदलाव का असर सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। जहां एक ओर सरकार को टैक्स से ज्यादा राजस्व मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शराब की कीमतें बढ़ने से खपत पर भी असर पड़ सकता है। नई एक्साइज नीति शराब बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है। अल्कोहल कंटेंट के आधार पर टैक्स लगाने का यह मॉडल पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है, लेकिन आम लोगों के लिए यह महंगी शराब का कारण बन सकता है।

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