DAV नंदराज में तीन दिवसीय समर कैंप शुरू, बच्चों ने सीखी रचनात्मक गतिविधियां
हवन, खेल और रचनात्मक गतिविधियों के बीच बच्चों ने सीखी “लर्निंग बियॉन्ड द बुक्स” की सीख
रांचीः DAV Nandraj Public School, बरियातू के बाल वाटिका सेक्शन में मंगलवार से तीन दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ बड़े उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। समर कैंप के पहले ही दिन विद्यालय परिसर बच्चों की चहल-पहल, हंसी और रंग-बिरंगी गतिविधियों से गुलजार नजर आया। खास बात यह रही कि इस आयोजन में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला।

वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ हुई शुरुआत
समर कैंप का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ किया गया। बाल वाटिका के नन्हे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हवन में भाग लिया। हवन के दौरान विद्यालय परिसर में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का संचार हुआ। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत समर कैंप की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण में की गई।
रचनात्मक गतिविधियों में दिखा बच्चों का उत्साह
हवन के बाद बच्चों ने विभिन्न मनोरंजक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। रंग-बिरंगे कैजुअल ड्रेस में पहुंचे बच्चे पूरे दिन बेहद उत्साहित और खुश नजर आए। बच्चों ने मुक्त खेल, समूह गतिविधियों और कई रोचक आयोजनों का भरपूर आनंद उठाया।विद्यालय परिसर में बच्चों की ऊर्जा और उत्साह देखते ही बन रहा था।

क्ले मॉडलिंग, फायरलेस कुकिंग और ट्रेजर हंट बना आकर्षण का केंद्र
समर कैंप के दौरान बच्चों के लिए कई खास गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें क्ले मॉडलिंग, फायर-लेस कुकिंग, ट्रेजर हंट और लिटिल स्टार सिनेमा जैसी गतिविधियां प्रमुख रहीं। क्ले मॉडलिंग के जरिए बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, जबकि फायरलेस कुकिंग गतिविधि में बच्चों ने बिना गैस और आग के स्वादिष्ट व्यंजन बनाना सीखा। ट्रेजर हंट गतिविधि ने बच्चों में टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा दिया। वहीं लिटिल स्टार सिनेमा बच्चों के मनोरंजन का बड़ा केंद्र बना रहा।
अभिभावकों की भागीदारी से बढ़ी बच्चों की खुशी
समर कैंप के पहले दिन अभिभावकों को भी विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया गया। बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर कई एक्टिविटी में भाग लिया, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास और बढ़ गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस तरह के आयोजन बच्चों और अभिभावकों के बीच मजबूत संबंध बनाने के साथ-साथ स्कूल और परिवार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में भी मदद करते हैं।

“लर्निंग बियॉन्ड द बुक्स” की सोच को बढ़ावा
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने समर कैंप के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक और आनंदमय तरीके से सीखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि “Learning Beyond the Books” की सोच ही बच्चों के सर्वांगीण विकास की असली नींव है।
नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को मिल रहा बल
प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय समर कैंप जैसी गतिविधियों के जरिए CBSE की नई शिक्षा नीति 2020 के “करो और सीखो” (Learning by Doing) के सिद्धांत को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, सहयोग, सामाजिक मूल्यों और रचनात्मक सोच का विकास करती हैं। विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण देना है, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल भी सीख सकें।







