5 दिन में दूसरी बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, आम आदमी को फिर लगा महंगाई का झटका
क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार पहुंचने का असर, IOCL-BPCL-HPCL ने जारी किए नए रेट
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। देश की सरकारी तेल कंपनियों ने पांच दिन के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने सोमवार सुबह नए रेट जारी किए, जिसके बाद देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ गई हैं।
पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
ताजा बदलाव के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे से पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के रेट में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर ट्रांसपोर्ट, डिलीवरी और रोजमर्रा के सफर पर निर्भर लोगों के खर्च में बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
चार महानगरों में नए रेट
नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.68 रुपये से बढ़कर 107.55 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 93.14 रुपये से बढ़कर 94.05 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। कोलकाता में पेट्रोल अब 109.61 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल 96.04 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। चेन्नई में भी पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर के कारण तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ रहा है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर घरेलू बाजार में भी कीमतें बढ़ जाती हैं।
LPG के नए रेट भी जारी
तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ एलपीजी सिलेंडर के नए रेट भी जारी किए हैं। हालांकि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में इस बार बड़ा बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई शहरों में हल्का इजाफा देखने को मिला है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जियों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी पड़ता है।
आम आदमी पर बढ़ा दबाव
लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निजी वाहन चलाने वाले, टैक्सी ड्राइवर, डिलीवरी एजेंट और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वहीं विपक्ष ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।






