‘गुरुद्वारे से निकलते ही मौत’: इटली में दो भारतीयों की गोली मारकर हत्या
बैसाखी के दौरान वारदात, अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की; भारतीय समुदाय में दहशत
मुनादी लाइव : इटली से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही दो भारतीय नागरिकों को गोली मार दी गई। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय भारतीय समुदाय में भय का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना इटली के कोवो इलाके में स्थित गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी के पास हुई। बताया जा रहा है कि वारदात उस समय हुई, जब दोनों व्यक्ति बैसाखी के मौके पर पूजा-अर्चना करने के बाद गुरुद्वारे से बाहर निकल रहे थे।
गुरुद्वारे के बाहर बरसी गोलियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैसे ही दोनों भारतीय गुरुद्वारे के परिसर से बाहर आए, पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमला इतना तेज और सटीक था कि दोनों व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना आधी रात से कुछ मिनट पहले की बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान
इस हमले में जान गंवाने वाले भारतीयों की पहचान 48 वर्षीय रगींदर सिंह और 48 वर्षीय गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से इटली में रह रहे थे और स्थानीय भारतीय समुदाय का हिस्सा थे।
बैसाखी के दौरान हमला
बताया जा रहा है कि यह घटना बैसाखी उत्सव के दौरान हुई, जब बड़ी संख्या में लोग गुरुद्वारे में पूजा के लिए पहुंचे थे। ऐसे पवित्र अवसर पर इस तरह की वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस जांच में जुटी
इटली की स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इलाके को सील कर दिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है और हत्या के पीछे के कारणों का भी खुलासा नहीं हुआ है।
भारतीय समुदाय में डर
इस घटना के बाद इटली में रह रहे भारतीय समुदाय में गहरी चिंता और भय का माहौल है। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
हमले के पीछे क्या वजह?
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हमला व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा था या किसी बड़े आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने की बात कही जा रही है। गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थल के बाहर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस हमले के पीछे कौन है और कब तक आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है।








