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करुर भगदड़ मामले में अभिनेता से नेता बने विजय को CBI का झटका

Karur Stampede

12 जनवरी को CBI के सामने पेश होंगे विजय

Tamil Nadu : तमिलनाडु के करुर भगदड़ मामले में अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ा झटका दिया है। CBI ने विजय को 12 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह मामला पिछले साल 27 सितंबर को हुई उस भयावह भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।

रैली में क्षमता से तीन गुना ज्यादा भीड़
यह दर्दनाक घटना करुर जिले के वेलुसामीपुरम में विजय की पार्टी की रैली के दौरान हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थल पर रैली आयोजित की गई थी उसकी क्षमता करीब 10 हजार लोगों की थी, लेकिन वहां लगभग 30 हजार लोग जुट गए थे। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हालात बेकाबू हो गए।

सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं में भारी चूक
जांच में सामने आया है कि रैली के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था। न तो पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम। बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था ने हालात को और गंभीर बना दिया।

विजय की देरी से बिगड़े हालात
भगदड़ के पीछे एक बड़ी वजह विजय का देर से पहुंचना भी बताया गया है। विजय को दोपहर 12 बजे पहुंचना था, लेकिन वे शाम करीब 7 बजे पहुंचे। इस दौरान भीड़ लगातार बढ़ती रही। जैसे ही उनका कैंपेन बस मौके पर पहुंचा, उत्साहित लोग विजय को देखने के लिए पेड़ों, छतों और बिजली के खंभों पर चढ़ गए।

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बिजली काटनी पड़ी, मची अफरा-तफरी
भीड़ के बिजली के खंभों पर चढ़ने से करंट का खतरा बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों ने एहतियातन बिजली सप्लाई काट दी। इसी अफरा-तफरी के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

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मुआवजे का ऐलान, यात्रा स्थगित
घटना के अगले ही दिन विजय ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी राज्यव्यापी यात्रा भी स्थगित कर दी थी।

पार्टी पदाधिकारी की गिरफ्तारी, बाद में रिहाई
इस मामले में टीवीके के करुर पश्चिम जिला सचिव मथियाझागन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर आयोजन व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगा था। हालांकि बाद में कोर्ट ने उनकी हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें रिहा कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसकी जांच CBI को सौंपी गई थी। अब तक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और आयोजकों से पूछताछ की जा चुकी है। अब पहली बार विजय खुद जांच एजेंसी के सीधे दायरे में आ गए हैं।

रैली प्लानिंग और भीड़ प्रबंधन पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, CBI विजय से रैली की प्लानिंग, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर सवाल करेगी। विजय पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

2026 चुनाव से पहले बढ़ी मुश्किलें
यह मामला 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले TVK और विजय के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। विपक्षी दल पहले से ही इस भगदड़ को लेकर विजय और उनकी पार्टी को घेरते रहे हैं।

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