दिल्ली में UPSC छात्रों के लिए छात्रावास बनाएगी झारखंड सरकार
chamra lindaमंत्री चमरा लिंडा ने रांची में किया ऐलान, कहा – IAS जैसी शीर्ष सेवाओं में आदिवासी युवाओं की संख्या बढ़ाना ज़रूरी
रांची: झारखंड सरकार अब उन विद्यार्थियों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत करने जा रही है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और अन्य सिविल सेवाओं की तैयारी दिल्ली में करते हैं। राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही राजधानी दिल्ली में झारखंड के UPSC छात्रों के लिए छात्रावास (Hostel) उपलब्ध कराएगी।
मंत्री लिंडा ने यह घोषणा रांची स्थित संत जेवियर्स कॉलेज में ट्राइबल सोसाइटी द्वारा आयोजित सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता के दौरान की।
मीणा समुदाय से मिली प्रेरणा
अपने संबोधन में मंत्री ने बताया कि यह पहल मीणा समुदाय से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मीणा समुदाय के अधिकारियों ने दिल्ली के द्वारका इलाके में अपने समाज के छात्रों के लिए भवन का निर्माण कराया है। उसी तर्ज पर झारखंड सरकार भी अपने छात्रों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराएगी।
आदिवासी युवाओं को IAS में लाने की आवश्यकता
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि आदिवासी समुदाय से अधिक से अधिक युवाओं को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी शीर्ष सेवाओं में आना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास की दिशा केवल मंत्री या विधायक ही तय नहीं करते, बल्कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी नीति-निर्माण और विकास कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं।
युवाओं से संघर्ष और शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा,
“संघर्ष से कभी घबराना नहीं चाहिए। शिक्षा के माध्यम से अपनी क्षमता का विकास करिए और प्रशासनिक सेवाओं में जाकर अपने समाज और राज्य का नेतृत्व कीजिए।” : – चमरा लिंडा
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज और छात्रों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। छात्रावास की यह सुविधा छात्रों को दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहने और पढ़ाई करने में काफी मदद करेगी।
क्यों ज़रूरी है यह पहल?
दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले झारखंड के दर्जनों छात्र किराए और रहने की उच्च लागत से परेशान रहते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा छात्रावास उपलब्ध कराना उनके लिए आर्थिक और मानसिक सहारा बनेगा। छात्र सस्ते और सुरक्षित आवास में रह सकेंगे। पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और एक ही जगह झारखंड के विद्यार्थी समुदाय बनाकर आपसी सहयोग कर पाएंगे।
झारखंड सरकार का यह कदम न केवल छात्रों के लिए राहत की बात है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में भी अहम साबित होगा। इससे भविष्य में अधिक संख्या में आदिवासी और झारखंड के अन्य समुदायों के युवा IAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।








