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रांची में ऑपरेशन के बाद महिला कर्मी की मौत, सेंटाविटा अस्पताल और डॉक्टर पर गंभीर आरोप

Anjana Tiwari Death Case

रांची: राजधानी रांची में एक महिला कर्मी की ऑपरेशन के बाद हुई मौत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मोरहाबादी स्थित बालाजी अपार्टमेंट निवासी सुनिल कुमार शुक्ला ने Sentevita Hospital और संबंधित चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मृतका की पहचान अंजना तिवारी के रूप में हुई है, जो झारखंड विधानसभा में निम्नवर्गीय सचिवालय सहायक के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों का आरोप है कि गॉलब्लाडर स्टोन के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी हालत बिगड़ी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

गॉलब्लाडर ऑपरेशन के लिए कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार अंजना तिवारी को गॉलब्लाडर स्टोन की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें Sentevita Hospital में भर्ती कराया गया था। शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल में डॉक्टर राजेश कुमार मारू द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान शरीर की एक महत्वपूर्ण धमनी (आर्टरी) पंचर हो गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।

एक दिन में चढ़ाया गया 6 यूनिट ब्लड और 2 यूनिट प्लाज्मा
प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि मरीज की बिगड़ती हालत को संभालने के लिए इलाज के दौरान एक ही दिन में 6 यूनिट कोल्ड ब्लड और 2 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उनका कहना है कि यदि ऑपरेशन सही तरीके से किया गया होता तो मरीज की हालत इतनी गंभीर नहीं होती।

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गंभीर हालत में महावीर मणिपाल अस्पताल किया गया रेफर
शिकायतकर्ता सुनिल कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब मरीज की हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तब अस्पताल प्रबंधन ने कार्डियक समस्या का हवाला देते हुए अंजना तिवारी को Manipal Hospital रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि मरीज को गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 26 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई।

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परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतका के परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह केवल चिकित्सकीय लापरवाही नहीं बल्कि आपराधिक कृत्य है। शिकायत में कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान हुई कथित गलती और बाद की परिस्थितियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई। परिजनों ने कोतवाली थाना में आवेदन देकर डॉक्टर राजेश कुमार मारू और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है। अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और ऑपरेशन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस मेडिकल विशेषज्ञों की राय भी ले सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑपरेशन और इलाज के दौरान किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं।

चिकित्सा लापरवाही पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजधानी रांची में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ऑपरेशन के दौरान जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन यदि मानक प्रक्रिया और सावधानी का पालन नहीं किया जाए तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। अब इस मामले में पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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