जमशेदपुर में 20 साल के युवक की बलि, तंत्र विद्या के लिए तांत्रिक ने काटा गला

Human Sacrifice

गोलमाड़ी थाना क्षेत्र में घटी सनसनीखेज वारदात, मोहल्ले वालों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा और पुलिस के हवाले किया

जमशेदपुर : झारखंड में अंधविश्वास और काले जादू का खौफनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। गोलमाड़ी थाना क्षेत्र में तंत्र साधना के नाम पर 20 वर्षीय युवक अजय की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी इलाके का तांत्रिक संदीप है, जिसे घटना के बाद मोहल्ले वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक अजय अपने परिवार का इकलौता बेटा था और घर की सारी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। बताया जाता है कि आरोपी संदीप ने किसी बहाने से अजय को अपने घर बुलाया और वहां उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।
तंत्र विद्या के लिए दी “नरबलि”
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संदीप लंबे समय से तंत्र विद्या की साधना करता था। उसका विश्वास था कि नरबलि चढ़ाने से उसे “सिद्धि” मिल जाएगी। इसी पागलपन और अंधविश्वास के चलते उसने निर्दोष अजय की जान ले ली।

घटना की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में दहशत और आक्रोश का माहौल फैल गया। लोगों ने खुद आरोपी को पकड़कर उसकी धुनाई की और फिर पुलिस को सौंप दिया।

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पुलिस की कार्रवाई
गोलमाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र साधना की मानसिकता साफ झलक रही है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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पुलिस इस मामले को “नरबलि” के एंगल से गहराई से जांच रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी तांत्रिक गिरोह से जुड़ा हुआ है।

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सामाजिक सवाल और अंधविश्वास की काली सच्चाई
इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक दौर में भी झारखंड और आसपास के इलाकों में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की जड़ें कितनी गहरी हैं। नरबलि जैसे कृत्य न केवल समाज को शर्मसार करते हैं बल्कि यह भी दिखाते हैं कि जागरूकता की कमी आज भी निर्दोषों की जान ले रही है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कानून के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी इलाकों में जागरूकता अभियान चलाना बेहद ज़रूरी है।

जमशेदपुर की यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि अंधविश्वास किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है। तंत्र साधना और नरबलि जैसे अपराध समाज के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन अजय जैसा निर्दोष बेटा अपने परिवार और समाज से हमेशा के लिए छिन गया।

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