टंडवा मॉल अश्लील वीडियो कांड: सेल्समैन गिरफ्तार, मॉल संचालक पर उठे सवाल
चतरा (टंडवा): झारखंड के चतरा जिले के टंडवा प्रखंड मुख्यालय में स्थित दीपक वस्त्रालय मॉल से जुड़ा एक अश्लील वीडियो कांड इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मॉल के चेंजिंग रूम में गुप्त रूप से मोबाइल कैमरा लगाकर युवतियों के वीडियो बनाने के सनसनीखेज खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
दो बहनों की सूझबूझ से हुआ खुलासा
मामला तब सामने आया जब टंडवा की दो बहनें कपड़े ट्रायल के लिए मॉल के चेंजिंग रूम में गईं। उन्होंने छत की सीलिंग लाइट में कुछ संदिग्ध हरकत देखी। शक होने पर जब उन्होंने लाइट के होल को ध्यान से देखा, तो उसमें मोबाइल कैमरा लगा पाया गया। दोनों बहनों ने तत्काल अपने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस मौके पर पहुँची और मॉल में कार्यरत सेल्समैन धीरज गुप्ता को हिरासत में लिया।
पुलिस ने संचालक दीपक गुप्ता के बयान पर कांड संख्या 226/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
जांच के दौरान पुलिस ने धीरज के मोबाइल से लगभग 20 जीबी अश्लील वीडियो फुटेज बरामद किए हैं, जिसमें कई युवतियों के कपड़े बदलते समय के दृश्य पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया है। बताया गया है कि वह पिछले कई महीनों से यह घिनौना कार्य कर रहा था।
मॉल संचालक की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या इतने लंबे समय तक यह गतिविधि संचालक की जानकारी के बिना संभव थी? मामले में कई लोगों का कहना है कि मॉल संचालक दीपक गुप्ता को पुलिस ने शुरुआती जांच में क्लीन चिट दे दी, जिससे मैनेजमेंट या प्रभाव की संभावना पर चर्चाएं तेज हैं।
कुछ स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रकरण को रफा-दफा करने का प्रयास हुआ, और “सेल्समैन को बलि का बकरा” बनाया गया ताकि प्रतिष्ठान की छवि बचाई जा सके।
हालांकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस सूत्रों के अनुसार,
“प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि सेल्समैन धीरज गुप्ता ने अपनी व्यक्तिगत स्तर पर यह कृत्य किया है। संचालक की संलिप्तता के ठोस सबूत फिलहाल नहीं मिले हैं। जांच जारी है।”
लेकिन दूसरी ओर, स्थानीय लोगों की नाराज़गी और संदेह अब भी कायम है। कई सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
व्यवसाय संघ ने की सख्त कार्रवाई की मांग
व्यवसाय संघ टंडवा के अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा —
“यह घटना पूरे समाज और व्यवसाय समुदाय के लिए शर्मनाक है। किसी भी दोषी व्यक्ति को, चाहे वह सेल्समैन हो या मॉल संचालक, बख्शा नहीं जाना चाहिए। यह बेटियों की अस्मत से जुड़ा मामला है, इसमें कोई समझौता नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने महिलाओं से भी सतर्क रहने की अपील की और कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी और कानूनी कार्रवाई दोनों सख्त होनी चाहिए।
जांच में कई पहलू अब भी अधूरे
इस पूरे मामले में अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं —
- क्या मॉल संचालक को इस गतिविधि की जानकारी नहीं थी?
- इतने लंबे समय से वीडियो बनने के बावजूद किसी ने संदेह क्यों नहीं जताया?
- बरामद फुटेज का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था — ब्लैकमेलिंग या बिक्री?
- इन बिंदुओं पर अब पुलिस को तकनीकी जांच और डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
टंडवा का यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच की दिशा पर हैं — क्या सच में सिर्फ एक सेल्समैन ही दोषी है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था?








