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छठ पूजा के दिन बोकारो में हैवानियत — नाबालिग के साथ दुष्कर्म, महिला समेत चार गिरफ्तार

Bokaro rape case

बोकारो/झारखंड: छठ पूजा जैसे पवित्र पर्व के दौरान झारखंड के बोकारो जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कसमार थाना क्षेत्र के बरईकेला गांव में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस शर्मनाक कांड में शामिल महिला समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

छठ घाट से बहला-फुसलाकर ले गई महिला
जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की रविवार शाम छठ घाट पर पूजा देखने गई थी, तभी गांव की ही महिला कुसुम देवी ने उसे बातों में फंसा लिया। महिला ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ चलने को कहा और एक सुनसान जगह पर ले गई, जहाँ तीन युवक — सफीक अंसारी, राहुल तुरी और रंजीत तुरी पहले से मौजूद थे। चारों आरोपियों ने मिलकर लड़की को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया और सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई — चार आरोपी गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही कसमार थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई। एसपी हरविंदर सिंह ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। पुलिस ने महिला कुसुम देवी सहित तीनों मुख्य आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

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बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा —

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“छठ घाट से नाबालिग को बहला-फुसला कर ले जाया गया था। हमने तुरंत टीम गठित की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब सबूतों के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

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इलाके में आक्रोश, न्याय की मांग
इस घटना ने पूरे कसमार प्रखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर फांसी जैसी सख्त सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

एक ग्रामीण ने कहा —

“छठ जैसे पवित्र पर्व पर यह पाप हुआ है। समाज शर्मसार है। अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरेगी।”

छठ के पावन पर्व पर दाग
छठ पूजा वह पर्व है, जहाँ सूर्य उपासना और मातृ शक्ति का सम्मान होता है। ऐसे समय में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं पर भी गहरा प्रहार है। घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि आखिर बेटियों की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी?

न्याय की उम्मीद
फिलहाल, पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके।

समाज के लिए चेतावनी
छठ पूजा के इस पवित्र अवसर पर हुई यह घटना न केवल बोकारो की अंतरात्मा को झकझोरती है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक चेतावनी है। समाज को यह समझने की जरूरत है कि बेटियों की सुरक्षा केवल कानून की नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है। बोकारो पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन अब न्याय की दिशा में कठोर और उदाहरणात्मक सजा ही इस घाव पर मरहम रख सकती है।

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