ऑनलाइन गेम में पैसे हारकर घर से भागा किशोर, रांची पुलिस ने दिल्ली से किया सकुशल बरामद
ऑनलाइन बेटिंग ऐप में रकम गंवाने के बाद तनाव में था छात्र, तकनीकी जांच से दिल्ली पहुंचकर पुलिस ने सुरक्षित लौटाया
रांची: ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग की लत एक बार फिर एक परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गई। राजधानी रांची से लापता हुए 15 वर्षीय छात्र आशविन आनंद को रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म STAKE पर भारी रकम हार गया था, जिसके बाद वह मानसिक तनाव में आकर घर छोड़कर चला गया।
24 मई को अचानक हुआ था लापता
जानकारी के अनुसार, 24 मई को आशविन आनंद अचानक अपने घर से लापता हो गया था। परिवार वालों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो उन्होंने रांची के सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और छात्र की तलाश शुरू कर दी गई।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच के लिए तकनीकी टीम को लगाया। मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को संकेत मिला कि नाबालिग दिल्ली में मौजूद हो सकता है। इसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दिल्ली पहुंचकर छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बिना नुकसान के घर लौटा किशोर
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी अनुसंधान के कारण किशोर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित वापस लाया जा सका। उसे रांची लाकर परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी वजह
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे हार चुका था। भारी रकम गंवाने के कारण वह मानसिक दबाव और डर में था। इसी तनाव में उसने घर छोड़ने का फैसला किया। यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
पुलिस ने अभिभावकों को दी सलाह
रांची पुलिस ने इस घटना के बाद अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर विशेष नजर रखें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन बेटिंग और संदिग्ध गेमिंग प्लेटफॉर्म से दूर रहने के लिए जागरूक करना बेहद जरूरी है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। डिजिटल दुनिया में बच्चों की बढ़ती मौजूदगी के बीच अभिभावकों की जिम्मेदारी और सतर्कता पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है। ऑनलाइन गेमिंग की लत कई बार बच्चों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और गलत फैसलों की ओर धकेल सकती है।






