पूर्वी सिंहभूम: पूर्वी सिंहभूम जिले में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन नेताओं ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।
कई दिग्गज हुए शामिल — पंकज सिन्हा, सौरभ चक्रवर्ती, कौशिक सिन्हा सहित अन्य नेताओं ने ली सदस्यता सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख नाम पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) सह प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सौरभ चक्रवर्ती, घाटशिला भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशिक सिन्हा, मुसाबनी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष तुषार पात्रों, भाजपा के मीडिया प्रभारी सुरेश महाली, और जमशेदपुर के जंबू अखाड़ा के अध्यक्ष बंटी सिंह शामिल रहे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया स्वागत, कहा — “झामुमो झारखंडी अस्मिता की असली आवाज़”
सदस्यता ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा —
“झामुमो केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और जनभावना का प्रतीक है। आज जो साथी हमारे परिवार में शामिल हुए हैं, वे इस राज्य के विकास और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए हमारी ताकत बढ़ाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा ने वर्षों तक जनता की उम्मीदों को तोड़ा है, जबकि झामुमो ने जनता के भरोसे को निभाया है।झामुमो प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी बोले — “भाजपा नेताओं का झामुमो में आना बदलते जनभावना का संकेत”
इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी ने कहा —
“आज जो भाजपा के वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ता झामुमो से जुड़े हैं, यह इस बात का संकेत है कि अब झारखंड की जनता और नेतृत्व दोनों परिवर्तन चाहते हैं। भाजपा ने जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया, जबकि झामुमो ने जनसरोकार की राजनीति को आगे बढ़ाया।”
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्षा बारी मुर्मू भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि झामुमो संगठन अब गांव-गांव तक मजबूत हो रहा है, और आने वाले समय में यह जनसमर्थन भाजपा के लिए चुनौती बनेगा।
नए सदस्यों ने जताई आस्था — “झामुमो ही झारखंड की असली आवाज़” नए सदस्यों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। पंकज सिन्हा ने कहा —
“भाजपा अब जनसेवा से दूर और सत्ता के अहंकार में है। झामुमो ने जनता के बीच रहकर काम किया है, इसलिए हमने इस परिवार में शामिल होने का निर्णय लिया।” वहीं सौरभ चक्रवर्ती ने कहा कि झारखंड में अब समय है कि स्थानीय नेतृत्व और विकासमुखी राजनीति को प्राथमिकता दी जाए, और यह काम झामुमो ही कर सकता है।
राजनीतिक हलचल तेज, पूर्वी सिंहभूम में नए समीकरण पूर्वी सिंहभूम में भाजपा के इन दिग्गज नेताओं के झामुमो में शामिल होने से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में हलचल मच गई है। विशेषकर घाटशिला, मुसाबनी और जमशेदपुर ग्रामीण इलाकों में झामुमो को इससे बड़ा संगठनात्मक बल मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये घटनाक्रम आने वाले चुनावी समीकरणों पर सीधा असर डाल सकते हैं।
पूर्वी सिंहभूम में भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका है और झामुमो के लिए संगठनात्मक मजबूती का संकेत। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में नेताओं का पार्टी में शामिल होना यह दिखाता है कि झामुमो अब न केवल सत्तारूढ़ दल है, बल्कि जनता की नई उम्मीद का केंद्र भी बन रहा है।